जोहार हिंदुस्तान | लातेहार/झारखंड: भीषण गर्मी के बीच चंदवा प्रखंड अंतर्गत कामता पंचायत के दामोदर गांव स्थित परहैया टोला में पेयजल संकट गहराने से ग्रामीणों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। हालात ऐसे हैं कि दर्जनों आदिम जनजाति परिवार बूंद-बूंद पानी के लिए तरसने को मजबूर हैं। गांव में लगाए गए दो नल-जल योजना पूरी तरह बंद पड़े हैं, जिसके कारण ग्रामीण दूषित कुएं और प्राकृतिक जल स्रोतों के सहारे जीवन गुजार रहे हैं।
कामता पंचायत समिति सदस्य अयुब खान ने परहैया टोला पहुंचकर ग्रामीणों से मुलाकात की और पेयजल समस्या की जानकारी ली। इस दौरान ग्रामीणों ने उन्हें अपनी समस्याओं से अवगत कराया। गांव की स्थिति देखकर पंचायत समिति सदस्य ने चिंता जताते हुए कहा कि सरकार द्वारा संरक्षित एवं विशेष रूप से पिछड़ी जनजातियों के विकास के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं, लेकिन धरातल पर आज भी कई गांव बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं।
अयुब खान ने कहा कि भीषण गर्मी के इस दौर में परहैया समुदाय के लोग आदिम युग जैसी जिंदगी जीने को मजबूर हैं। गांव में शुद्ध पेयजल की व्यवस्था नहीं होने से मासूम बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को कड़ी धूप में पानी की तलाश में भटकना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है कि आज भी लोग साफ पानी जैसी बुनियादी जरूरत से वंचित हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि गांव में पीने के पानी के लिए केवल एक कुआं है, जिसका पानी भी पूरी तरह सुरक्षित नहीं माना जाता। मजबूरी में लोग उसी कुएं का पानी पीने और घरेलू उपयोग में ला रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार गांव में दो नल-जल योजना स्थापित की गई थी, लेकिन एक योजना शुरू होते ही खराब हो गई, जबकि दूसरी योजना पिछले तीन-चार महीनों से बंद पड़ी है।
ग्रामीण बुटन परहैया, शिबन देवी, सबीता देवी, एतवरिया देवी और बुधमनीयां देवी ने बताया कि गर्मी बढ़ने के साथ पानी की समस्या और गंभीर हो गई है। कई बार संबंधित विभाग और स्थानीय जनप्रतिनिधियों को सूचना देने के बावजूद अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया।
ग्रामीणों ने कहा कि दूषित पानी पीने के कारण गांव में बीमारी फैलने का खतरा लगातार बना हुआ है। बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर इसका असर पड़ रहा है। यदि जल्द शुद्ध पेयजल की व्यवस्था नहीं हुई तो स्थिति और भयावह हो सकती है।
पंचायत समिति सदस्य अयुब खान ने कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने उपायुक्त संदीप कुमार से मांग की है कि कामता पंचायत के परहैया टोला में खराब पड़े नल-जल योजनाओं की तत्काल मरम्मत कर ग्रामीणों को जल्द पेयजल सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
उन्होंने कहा कि आदिम जनजाति परिवारों को मूलभूत सुविधाओं से जोड़ना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में ग्रामीणों को और गंभीर संकट का सामना करना पड़ सकता है।