जोहार हिंदुस्तान | चंदवा/झारखंड : वर्षों से पुल और सड़क के अभाव में बदहाल जीवन जी रहे आदिम जनजाति एवं अनुसूचित जनजाति परिवारों के लिए आखिरकार राहत की खबर सामने आई है। चंदवा प्रखंड अंतर्गत कामता पंचायत के ग्राम परहैया टोला (चटुआग) और पहना पानी गांव के बीच बहुप्रतीक्षित पुल निर्माण कार्य की शुरुआत कर दी गई है। इस कार्य के शुरू होने से ग्रामीणों में खुशी का माहौल है। ग्रामीणों ने इसे क्षेत्र के विकास की दिशा में ऐतिहासिक पहल बताया है।

पंचायत समिति सदस्य अयुब खान की लगातार पहल और जिला प्रशासन के समक्ष मामले को मजबूती से उठाने के बाद प्रशासन ने त्वरित संज्ञान लेते हुए पुल निर्माण कार्य शुरू कराया। रविवार को पंचायत समिति सदस्य अयुब खान ने निर्माणाधीन पुल स्थल का निरीक्षण किया और अधिकारियों से गुणवत्ता पूर्ण कार्य कराने की अपील की।
इस मौके पर अयुब खान ने कहा कि आजादी के बाद से ही इस क्षेत्र के ग्रामीण पुल और सड़क जैसी बुनियादी सुविधा से वंचित थे। स्थिति इतनी गंभीर थी कि गांव तक एंबुलेंस तक नहीं पहुंच पाती थी। बीमार लोगों को खटिया और डोली के सहारे आधा किलोमीटर से अधिक दूरी तय कर अस्पताल ले जाना पड़ता था। बरसात के दिनों में हालात और भी भयावह हो जाते थे।

उन्होंने कहा कि 6 अक्टूबर 2025 को पहना पानी गांव निवासी रौशन मुंडा की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। उस समय पुल और सड़क नहीं होने के कारण परिजनों एवं ग्रामीणों को शव को कंधे पर उठाकर गांव तक ले जाना पड़ा था। यह घटना पूरे क्षेत्र के लिए बेहद दर्दनाक और शर्मनाक थी। पंचायत समिति सदस्य अयुब खान ने इस मामले को प्रमुखता से उठाते हुए जिला प्रशासन से तत्काल पुल और सड़क निर्माण की मांग की थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने तत्काल संज्ञान लिया और संबंधित विभाग के अधिकारियों को स्थल निरीक्षण के निर्देश दिए। निरीक्षण के बाद आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर पुल निर्माण कार्य प्रारंभ करा दिया गया।
ग्रामीणों ने बताया कि पहना पानी और परहैया टोला के लिए यही मुख्य रास्ता है। पुल नहीं होने के कारण दशकों से लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। गांव में करीब 15 अनुसूचित जनजाति एवं 10 आदिम जनजाति परिवार निवास करते हैं, जो आज तक मूलभूत सुविधाओं से वंचित रहे।
ग्रामीण सनिका मुंडा, बुधराम बारला, एतवा मुंडा, पिंटू गंझु, सनिचरवा परहैया, नुनवा परहैया, जगवा परहैया, फुलदेव परहैया, रंगवा परहैया, सरहूला परहैया और बोने मुंडा ने कहा कि पुल बन जाने से गांव के लोगों को आवागमन में काफी राहत मिलेगी। साथ ही इमरजेंसी की स्थिति में एंबुलेंस सीधे गांव तक पहुंच सकेगी, जिससे लोगों की जान बचाना आसान होगा।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और पंचायत समिति सदस्य अयुब खान के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वर्षों से लंबित मांग आखिरकार पूरी होती नजर आ रही है। लोगों को उम्मीद है कि पुल निर्माण के बाद क्षेत्र में विकास की रफ्तार तेज होगी और शिक्षा, स्वास्थ्य तथा रोजगार जैसी सुविधाओं तक पहुंच आसान बनेगी।
वहीं पंचायत समिति सदस्य अयुब खान ने जिला प्रशासन को धन्यवाद देते हुए कहा कि यह सिर्फ पुल निर्माण नहीं, बल्कि अंतिम पायदान पर खड़े आदिम जनजाति और गरीब परिवारों के जीवन को मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम है। उन्होंने कहा कि वे आगे भी क्षेत्र की जनता की समस्याओं को मजबूती से उठाते रहेंगे और विकास कार्यों के लिए निरंतर संघर्ष करेंगे।