जोहार हिंदुस्तान | लोहरदगा/झारखंड: हिंडालको कंपनी की कथित मनमानी और अव्यवस्थित ट्रांसपोर्ट संचालन को लेकर झारखंड पठारी चंदवा लोहरदगा ट्रक ओनर एसोसिएशन का आक्रोश अब खुलकर सामने आने लगा है। सोमवार को एसोसिएशन का एक प्रतिनिधिमंडल हिंडालको कार्यालय पहुंचा और ट्रांसपोर्ट व्यवस्था से जुड़ी गंभीर समस्याओं को लेकर कंपनी प्रबंधन के समक्ष कड़ी आपत्ति दर्ज कराई।
प्रतिनिधिमंडल ने हिंडालको के जी.एम. राजेश कुमार ठाकरे से मुलाकात कर कहा कि कंपनी के लॉजिस्टिक्स हेड अभिषेक कुमार की कार्यशैली के कारण ट्रक मालिकों और वाहन चालकों को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। एसोसिएशन का आरोप है कि माइंस क्षेत्रों में ट्रकों का परिचालन बिना किसी पूर्व सूचना के अचानक बंद कर दिया जाता है, जिससे ट्रक मालिक और ड्राइवर भारी संकट में फंस जाते हैं।
एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बताया कि सूचना के अभाव में चालक अपनी गाड़ियां लेकर कुजाम, चिरूडीह, अमतिपानी और सेंरदाग-बी माइंस तक पहुंच जाते हैं, लेकिन वहां 2 से 3 दिनों तक उन्हें बिना लोड के इंतजार करना पड़ता है। इस दौरान ड्राइवरों को खाने-पीने और रहने जैसी बुनियादी सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं हो पातीं।
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि किसी तरह लोडिंग मिलने के बाद भी स्थिति सामान्य नहीं रहती। ट्रकों को हेसल प्लांट पहुंचने के बाद 3 से 4 दिनों तक सड़क किनारे खड़ा रहना पड़ता है, जहां न तो पर्याप्त पेयजल की व्यवस्था है और न ही ड्राइवरों के आराम के लिए कोई सुविधा। इससे वाहन चालकों को आर्थिक नुकसान के साथ-साथ मानसिक और शारीरिक परेशानियों का भी सामना करना पड़ रहा है।
एसोसिएशन ने सोमवार की बंदी के लिए सीधे तौर पर लॉजिस्टिक्स हेड अभिषेक कुमार को जिम्मेदार ठहराया। उनका कहना है कि बिना किसी पूर्व सूचना के ट्रकों को माइंस क्षेत्र में भेज दिया गया, लेकिन वहां लोडिंग की कोई व्यवस्था नहीं की गई। इससे सैकड़ों ट्रक विभिन्न माइंस क्षेत्रों में फंस गए।
मामले की गंभीरता को देखते हुए हिंडालको के जी.एम. राजेश कुमार ठाकरे ने कंपनी के जी.एम. प्रदीप भालेकर से फोन पर बातचीत की। बातचीत के दौरान प्रदीप भालेकर ने बताया कि तकनीकी कारणों की वजह से सोमवार को लोडिंग कार्य प्रभावित हुआ है। हालांकि उन्होंने आश्वासन दिया कि मंगलवार से सभी ट्रकों को लोड उपलब्ध कराने और जल्द अनलोडिंग सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा।
प्रबंधन की ओर से यह भी कहा गया कि सेंरदाग-बी माइंस सहित अन्य क्षेत्रों में ट्रांसपोर्ट संचालन को जल्द सामान्य किया जाएगा और हेसल प्लांट में माल डिस्पैच एवं अनलोडिंग प्रक्रिया को भी बेहतर बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है।
इसके बावजूद ट्रक ओनर एसोसिएशन ने साफ चेतावनी दी है कि यदि लॉजिस्टिक्स विभाग की कार्यशैली में सुधार नहीं हुआ और ट्रांसपोर्टरों की समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं निकाला गया, तो आने वाले दिनों में हिंडालको गेट के बाहर जोरदार धरना-प्रदर्शन और आंदोलन किया जाएगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी कंपनी प्रबंधन की होगी।
आज के प्रतिनिधिमंडल में संचालन समिति के सदस्य इरशाद अहमद, संजू कुमार, काजू कुरैशी, पंकज सिंह, साजिद खान, खुर्शीद आलम, सोनम राज, गोलू, असीम अंसारी, बबलू, जितेंद्र यादव, बरकत अंसारी, आसिफ खान, गोल्डन कुरैशी, मुस्लिम अंसारी, जसीम अंसारी, संतोष साहू, बंटी सिंह, राणा प्रताप सिंह, साबिर अंसारी, बाबू अंसारी, समसुल अंसारी, इब्राहिम अंसारी समेत बड़ी संख्या में ट्रक मालिक और चालक मौजूद थे।