जोहार हिंदुस्तान | चंदवा/झारखंड : कामता पंचायत अंतर्गत ग्राम चटुआग स्थित डैम के समीप निर्माणाधीन उप स्वास्थ्य केंद्र भवन का पंचायत समिति सदस्य अयुब खान ने सोमवार को निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान निर्माण कार्य लंबे समय से बंद पाए जाने पर उन्होंने गहरी नाराजगी जताई और संबंधित विभाग व संवेदक की कार्यशैली पर सवाल उठाए।
पंचायत समिति सदस्य अयुब खान ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि उप स्वास्थ्य केंद्र भवन का निर्माण कार्य केवल पिलिंथ लेवल तक पहुंचने के बाद पिछले एक महीने से अधिक समय से पूरी तरह ठप पड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने और लोगों को प्राथमिक चिकित्सा सेवाएं गांव स्तर पर ही मुहैया कराने के उद्देश्य से इस उप स्वास्थ्य केंद्र निर्माण की स्वीकृति दी थी।
उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य शुरू होने के बाद पूरे इलाके के लोगों में खुशी का माहौल था। ग्रामीणों को उम्मीद जगी थी कि अब छोटी-छोटी बीमारियों के इलाज के लिए उन्हें दूर शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा और गांव के आसपास ही स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो जाएंगी। लेकिन निर्माण कार्य अधूरा छोड़ दिए जाने से ग्रामीणों की उम्मीदें टूटती नजर आ रही हैं।
अयुब खान ने कहा कि संवेदक और संबंधित विभाग की लापरवाही के कारण सरकार की महत्वाकांक्षी योजना पर पानी फिर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि समय पर निर्माण कार्य पूरा नहीं हुआ तो इसका सीधा नुकसान गरीब और ग्रामीण परिवारों को उठाना पड़ेगा, जिन्हें आज भी इलाज के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है।
उन्होंने कहा कि चटुआग और आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले ग्रामीणों को स्वास्थ्य सेवाओं के अभाव में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। विशेषकर गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को इलाज के लिए दूर जाना पड़ता है। ऐसे में उप स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण क्षेत्र के लोगों के लिए बेहद जरूरी है।
पंचायत समिति सदस्य अयुब खान ने लोहरदगा उपायुक्त संदीप कुमार मीना से मामले में हस्तक्षेप कर बंद पड़े निर्माण कार्य को जल्द शुरू कराने और निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि जल्द निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया तो ग्रामीणों के साथ बैठक कर आगे की रणनीति बनाई जाएगी।
ग्रामीणों ने भी प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि स्वास्थ्य केंद्र बनने से हजारों लोगों को सीधा लाभ मिलेगा और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति मजबूत होगी।