जोहार हिंदुस्तान | चंदवा/झारखंड: भीषण गर्मी के बीच चंदवा प्रखंड के ग्राम भुसाढ़ अंतर्गत भंडारगढ़ा गांव में पेयजल संकट विकराल रूप ले चुका है। जल जीवन मिशन योजना के तहत लगाए गए नल-जल सिस्टम ग्रामीणों के लिए राहत बनने के बजाय परेशानी का कारण बन गए हैं। गांव में लगाए गए सात नल-जल में से छह पूरी तरह खराब पड़े हैं, जबकि एकमात्र चालू नल-जल से भी पर्याप्त पानी की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। हालात ऐसे हैं कि सैकड़ों ग्रामीण बूंद-बूंद पानी के लिए भटकने को मजबूर हैं।
मंगलवार को पंचायत समिति सदस्य अयुब खान लगातार तीसरे दिन गांव पहुंचे और ग्रामीणों से मिलकर पानी संकट का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों ने बताया कि जल जीवन मिशन योजना का कार्य अधूरा छोड़कर संवेदक फरार हो गया है, जिसके कारण दर्जनों घरों तक आज तक पाइपलाइन और नल नहीं पहुंच पाए हैं। कई स्थानों पर बोरिंग, मोटर, स्टार्टर और सोलर सिस्टम खराब होने के कारण महीनों से जलापूर्ति बंद पड़ी है।
ग्रामीणों के अनुसार रविन्द्र गंझु के घर के पास नल-जल और चापानल तो लगा दिया गया, लेकिन घरों तक पाइपलाइन नहीं बिछाई गई। इसके कारण आज तक पानी की सप्लाई शुरू नहीं हो सकी। सहजीवन भोगता के घर के समीप लगा नल-जल कई महीनों से खराब पड़ा है, जबकि भोंदल गंझु के घर के पास करीब दो वर्ष पहले लगाया गया नल-जल कुछ महीने चलने के बाद बोरिंग धंस जाने से बंद हो गया।
वहीं पारगढ़ा में बालगोविंद गंझु के घर के पास लगा नल-जल पिछले पंद्रह दिनों से स्टार्टर और समरसेबल खराब होने के कारण ठप पड़ा है। गोपाल गंझु और सुदेशी गंझु के घरों के समीप लगाए गए नल-जल का सोलर सिस्टम आंधी-तूफान में पलट गया, जिसके बाद से जलापूर्ति पूरी तरह बंद है। अर्जुन गंझु के घर के पास लगे नल-जल से भी घरों तक पानी की सप्लाई नहीं हो पा रही है।
ग्रामीणों ने बताया कि तेज गर्मी और लगातार बढ़ते तापमान के कारण स्थिति भयावह हो चुकी है। महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग कड़कड़ाती धूप में पानी की तलाश में इधर-उधर भटकने को मजबूर हैं। गांव में स्वच्छ पेयजल नहीं मिलने से बीमारी फैलने का खतरा भी बढ़ गया है।
मुखिया प्रत्याशी रही रविना देवी, सहजीवन भोगता, सूरज गंझु, बिसनी देवी, रूपंती देवी, जमनी देवी, लीलावती देवी, मुनिया देवी, उर्मिला देवी, संगीता देवी, उमेश गंझु, भोंदल गंझु, दिलीप गंझु, धरमू गंझु, गुलेशर गंझु, शिवकुमार गंझु, फुल कुमारी देवी, कार्तिक गंझु, पुनम देवी, विनय गंझु और सीमा देवी समेत अन्य ग्रामीणों ने कहा कि सरकार की योजनाएं गांव तक पहुंचने से पहले ही दम तोड़ रही हैं। ग्रामीणों ने जल्द पेयजल व्यवस्था दुरुस्त कराने की मांग की है।
पंचायत समिति सदस्य अयुब खान ने कहा कि सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, लेकिन संवेदकों और विभागीय लापरवाही के कारण योजनाएं अधूरी पड़ी हैं। उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी में ग्रामीणों को पानी के लिए परेशान होना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
अयुब खान ने उपायुक्त संदीप कुमार से मांग की है कि जल जीवन मिशन योजना का कार्य अधूरा छोड़कर भागने वाले संवेदक पर कड़ी कार्रवाई की जाए तथा खराब पड़े सभी नल-जल को अविलंब चालू कराकर गांव में पेयजल संकट दूर किया जाए।