जोहार हिंदुस्तान | लातेहार/झारखंड: टोरी रेलवे क्रॉसिंग पर वर्षों से जारी जाम की समस्या और टोरी-चंदवा फ्लाईओवर निर्माण में हो रही देरी के खिलाफ आगामी 15 जून को लातेहार में किसान एवं माकपा कार्यकर्ताओं की विशाल पदयात्रा आयोजित की जाएगी। इस पदयात्रा में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के राज्य सचिव प्रकाश विप्लव सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता शामिल होंगे।
माकपा राज्य कमिटी सदस्य अयुब खान और जिला सचिव रसीद मियां ने संयुक्त प्रेस वक्तव्य जारी कर बताया कि पदयात्रा का मुख्य उद्देश्य टोरी-चंदवा फ्लाईओवर निर्माण कार्य को शीघ्र शुरू कराने और रेलवे क्रॉसिंग जाम की गंभीर समस्या की ओर सरकार तथा संबंधित विभागों का ध्यान आकर्षित करना है।
उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम में माकपा के राज्य सचिव प्रकाश विप्लव, जिला प्रभारी सुखनाथ लोहरा, राज्य कमिटी सदस्य संजय पासवान समेत बड़ी संख्या में किसान, मजदूर और आम नागरिक शामिल होंगे।
नेताओं ने कहा कि टोरी फ्लाईओवर परियोजना वर्षों से फाइलों में उलझी हुई है। प्रारंभिक चरण में इस परियोजना की लागत लगभग 43 करोड़ रुपये निर्धारित की गई थी, लेकिन बाद में संशोधित प्राक्कलन के अनुसार इसकी लागत बढ़कर करीब 119.71 करोड़ रुपये हो गई। इसके बावजूद अब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है। बताया गया कि परियोजना के लिए कई बार टेंडर निकाले गए, लेकिन विभिन्न कारणों से प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पाई। एक बार संवेदक द्वारा कार्य छोड़ दिए जाने के बाद परियोजना और अधिक विलंबित हो गई।
माकपा नेताओं ने केंद्र सरकार, राज्य सरकार और राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग पर उदासीनता का आरोप लगाते हुए कहा कि टोरी रेलवे क्रॉसिंग की समस्या आज लाखों लोगों की पीड़ा का कारण बन चुकी है। राष्ट्रीय राजमार्ग-22 (पूर्व में एनएच-99) पर स्थित यह रेलवे फाटक रांची, लोहरदगा, गुमला, लातेहार, पलामू, गढ़वा, हजारीबाग, चतरा सहित कई जिलों को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण मार्ग है। इसके अलावा छत्तीसगढ़ और बिहार की ओर जाने वाले यात्री एवं मालवाहक वाहन भी इसी मार्ग से गुजरते हैं।
उन्होंने कहा कि रेलवे क्रॉसिंग पर घंटों तक फाटक बंद रहने के कारण अक्सर लंबा जाम लग जाता है। मरीजों को अस्पताल पहुंचाने वाली एम्बुलेंस जाम में फंस जाती हैं, जिससे कई बार गंभीर मरीजों की जान तक खतरे में पड़ जाती है। नेताओं का दावा है कि अतीत में कई ऐसी घटनाएं सामने आई हैं, जब समय पर इलाज नहीं मिलने के कारण लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
नेताओं ने यह भी कहा कि टोरी जंक्शन देश के चुनिंदा ऐसे रेलवे स्टेशनों में शामिल है, जहां स्टेशन तक पहुंचने और बाहर निकलने के लिए सुगम एवं व्यवस्थित मार्ग का अभाव है। रेलवे क्रॉसिंग पर लगने वाले जाम के कारण आम लोगों, छात्रों, मरीजों, व्यापारियों और यात्रियों को प्रतिदिन कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
माकपा नेताओं ने कहा कि यदि सरकार और संबंधित विभाग शीघ्र ठोस कदम नहीं उठाते हैं तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। उन्होंने क्षेत्र के किसानों, मजदूरों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों से 15 जून की पदयात्रा में बड़ी संख्या में शामिल होकर अपनी आवाज बुलंद करने की अपील की।
पार्टी नेताओं का कहना है कि टोरी फ्लाईओवर केवल एक निर्माण परियोजना नहीं, बल्कि लाखों लोगों के सुरक्षित आवागमन, क्षेत्रीय विकास और आर्थिक गतिविधियों को गति देने की आवश्यकता बन चुकी है। इसी मांग को लेकर 15 जून की पदयात्रा ऐतिहासिक होगी और सरकार तक जनता की आवाज पहुंचाने का काम करेगी।