जोहार हिंदुस्तान | लातेहार/झारखंड: चंदवा प्रखंड के कामता पंचायत में भीषण गर्मी के बीच पेयजल संकट लगातार गहराता जा रहा है। पंचायत के कई गांवों और टोलों में नल-जल योजना एवं चापानल खराब पड़े होने के कारण ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि आंगनबाड़ी केंद्रों में आने वाले छोटे-छोटे बच्चों के लिए पानी तक उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। सेविका और सहायिका को दूर-दराज से पानी लाकर बच्चों के लिए पोषाहार तैयार करना पड़ रहा है।

बुधवार को पंचायत के मुखिया नरेश भगत और पंचायत समिति सदस्य अयुब खान ने विभिन्न गांवों का दौरा कर ग्रामीणों से मुलाकात की तथा जल संकट की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने पाया कि पंचायत के आधे से अधिक नल-जल योजनाएं खराब पड़ी हुई हैं, जिससे ग्रामीणों के सामने गंभीर पेयजल संकट उत्पन्न हो गया है।
निरीक्षण के दौरान बताया गया कि चटुआग आंगनबाड़ी केंद्र के सामने लगा चापानल महीनों से खराब पड़ा हुआ है। इसके कारण केंद्र में आने वाले बच्चों, सेविका और सहायिका को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बच्चों के लिए पोषाहार तैयार करने हेतु दूर से पानी ढोना पड़ रहा है। गर्मी के मौसम में पानी की कमी से बच्चों और ग्रामीणों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है।
ग्रामीणों ने बताया कि चटुआग गांव में कुल 14 नल-जल योजनाएं हैं, जिनमें से सात पूरी तरह खराब पड़ी हुई हैं। भेलवाही में परमेश्वर गंझु के घर के पास लगा नल-जल दो महीने से बंद है, जबकि लोथराबर टोला में रामबृछ गंझु के घर के पास का नल-जल एक महीने से खराब पड़ा है। इसके अलावा डुमरखाड़ में गोबिंद गंझु के घर के पास, करमाही टोला में जयमोहन गंझु और जगेशर गंझु के घर के पास तथा ठुठाबर में गोपाल भगत के घर के पास स्थापित नल-जल योजनाएं भी लंबे समय से खराब हैं। परहैया टोला चबूतरा के पास स्थित नल-जल भी एक महीने से बंद पड़ा हुआ है।
जल सहिया मंजू देवी, परमेश्वर गंझु, लेचा गंझु, ननकेश्वर कुमार, दिवाली गंझु और बुधराम गंझु समेत कई ग्रामीणों ने बताया कि गांव में कई महीनों से पानी की गंभीर समस्या बनी हुई है। कड़ी धूप और बढ़ती गर्मी में लोगों को पेयजल के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने कहा कि कई बार शिकायत के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है।
मुखिया नरेश भगत और पंचायत समिति सदस्य अयुब खान ने कहा कि पंचायत में लगातार खराब हो रही पेयजल योजनाओं के कारण आम लोगों का जीवन प्रभावित हो रहा है। उन्होंने जिला प्रशासन से तत्काल खराब पड़े नल-जल और चापानलों की मरम्मत कराने तथा पंचायत में स्थायी पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।
उन्होंने उपायुक्त संदीप कुमार से हस्तक्षेप करते हुए जल्द कार्रवाई करने की अपील की, ताकि भीषण गर्मी में ग्रामीणों और बच्चों को राहत मिल सके।