जोहार हिंदुस्तान | डेस्क/उत्तर प्रदेश: गाजियाबाद पुलिस ने एक ऐसे साइबर ठग गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो व्हाट्सएप पर फर्जी APK फाइल भेजकर लोगों के बैंक खाते खाली कर देता था। पुलिस के मुताबिक इस गिरोह ने 15 राज्यों में 94 घटनाओं को अंजाम दिया है। मामले में पिंटू यादव, आदर्श कुमार केसरी और प्रशांत दीप चौधरी को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी व्हाट्सएप पर APK फाइल को PDF बताकर भेजते थे। फाइलों के नाम सरकारी या वित्तीय सेवाओं जैसे रखे जाते थे, ताकि लोगों को भरोसा हो जाए। जैसे— Bhim Bypass, RTO Traffic Challan, Bhim_4.0, PayTm Pagal V2, PkkBook, Indian Overseas Bank, Tata Neu_Sign, M Parivahan।
लोग इन्हें जरूरी दस्तावेज या चालान समझकर डाउनलोड कर लेते थे। जैसे ही APK इंस्टॉल होता, मोबाइल का एक्सेस हैकरों के पास चला जाता। इसके बाद वे ओटीपी, बैंकिंग डिटेल और अन्य संवेदनशील जानकारी हासिल कर खातों से रकम उड़ा देते थे।
पुलिस के अनुसार गिरोह तकनीकी रूप से प्रशिक्षित था और अलग-अलग राज्यों में लोगों को निशाना बनाता था। जांच में कई बैंक खातों और डिजिटल वॉलेट के जरिए लेन-देन के साक्ष्य मिले हैं। बरामद मोबाइल और लैपटॉप की फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है।
पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान नंबर से आई APK फाइल डाउनलोड न करें। बैंक, सरकारी विभाग या अधिकृत ऐप केवल गूगल प्ले स्टोर या आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ही डाउनलोड किए जाएं।