जोहार हिंदुस्तान | डेस्क/नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल की राजनीति में इस बार हुमायूं कबीर की जीत सबसे ज्यादा चर्चा का विषय बन गई है। आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) के प्रमुख हुमायूं कबीर ने मुर्शिदाबाद जिले की नोदा (Naoda) और रेजीनगर (Rejinagar) विधानसभा सीटों पर शानदार जीत दर्ज कर राजनीतिक हलकों में शक पैदा कर दी है।
खास बात यह है कि दोनों सीटों पर मुस्लिम आबादी 70 प्रतिशत से अधिक मानी जाती है और लंबे समय से यहां तृणमूल कांग्रेस का मजबूत प्रभाव रहा है। इसके बावजूद हुमायूं कबीर की जीत ने राजनीतिक विश्लेषकों, स्थानीय लोगों और खुद हुमायूं कबीर को भी हैरान कर दिया है।

चुनाव के दौरान हुमायूं कबीर को लेकर मुस्लिम समाज में भारी नाराजगी देखने को मिली थी। कई जगहों पर उनके खिलाफ विरोध प्रदर्शन हुए, उन्हें “गद्दार” और “मीर जाफर” तक कहा गया। सोशल मीडिया पर ऐसे वीडियो भी वायरल हुए जिनमें उनके विरोध में नारेबाजी और जूते-चप्पल फेंकने जैसी घटनाएं सामने आईं। बावजूद इसके हुमायूं कबीर ने दोनों सीटों पर निर्णायक बढ़त हासिल कर जीत दर्ज कर ली।
जानकारी के अनुसार हुमायूं कबीर पहले तृणमूल कांग्रेस के नेता थे, लेकिन बाद में पार्टी से मतभेद के बाद उन्होंने अपनी नई पार्टी AJUP बनाई। चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने खुद को मुस्लिम समाज की “नई आवाज” बताते हुए टीएमसी पर अल्पसंख्यकों की उपेक्षा का आरोप लगाया। उन्होंने यह भी दावा किया कि राज्य में मुस्लिम वोट अब एकतरफा नहीं रहा और लोग विकल्प तलाश रहे हैं।
चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार हुमायूं कबीर ने नोदा सीट पर भाजपा प्रत्याशी राणा मंडल को करीब 27 हजार से अधिक वोटों से हराया, जबकि रेजीनगर सीट पर भाजपा उम्मीदवार बापन घोष को लगभग 58 हजार वोटों के बड़े अंतर से मात दी। दोनों सीटों पर तृणमूल कांग्रेस तीसरे स्थान पर रही, जिसे राजनीतिक रूप से बड़ा संदेहास्पद माना जा रहा है।
हुमायूं कबीर की दोनों सीटों पर जीत के बाद अब सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में ईवीएम को लेकर भी बहस तेज हो गई है। कई लोग सवाल उठा रहे हैं कि जिन इलाकों में चुनाव प्रचार के दौरान हुमायूं कबीर का लगातार विरोध हो रहा था, वहां आखिर इतनी बड़ी जीत कैसे मिली।
कुछ सोशल मीडिया यूजर्स और स्थानीय राजनीतिक कार्यकर्ताओं द्वारा ईवीएम की निष्पक्षता को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। हालांकि अब तक चुनाव आयोग की ओर से इस मामले में किसी प्रकार की अनियमितता की पुष्टि नहीं की गई है।