जोहार हिंदुस्तान | गुमला/झारखंड: जिला प्रशासन की पहल पर “आपन जमीन, आपन अधिकार” शिविर (पायलट प्रोजेक्ट) का रायडीह अंचल क्षेत्र में सफलतापूर्वक शुभारंभ किया गया। उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित के निर्देश पर आयोजित इस शिविर का उद्देश्य भूमि अभिलेखों के डिजिटलीकरण को बढ़ावा देना तथा जमीन से जुड़ी समस्याओं का त्वरित और पारदर्शी समाधान करना है।
शिविर का आयोजन रायडीह अंचल के कांसिर पंचायत भवन में किया गया, जहां अपर समाहर्ता शशिंद्र कुमार बड़ाइक, अंचल अधिकारी सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी और कर्मी उपस्थित रहे। इस दौरान पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली, जिससे शिविर का माहौल जनसहभागिता से भरपूर रहा।
शिविर के पहले दिन कुल 40 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 12 आवेदनों को विधिवत स्वीकार किया गया। प्राप्त आवेदनों में रकबा सुधार, नाम में त्रुटि, प्लॉट विवरण में गड़बड़ी जैसी प्रमुख समस्याएं शामिल थीं। प्रशासन की तत्परता के कारण कई मामलों में मौके पर ही कार्रवाई शुरू कर दी गई, जिससे ग्रामीणों को तत्काल राहत मिलने लगी। शेष मामलों के शीघ्र निष्पादन के लिए संबंधित विभागों को निर्देशित किया गया है।
अपर समाहर्ता शशिंद्र कुमार बड़ाइक ने उपस्थित ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि भूमि अभिलेखों का डिजिटलीकरण समय की बड़ी जरूरत है। इससे भविष्य में जमीन से जुड़े विवादों को काफी हद तक रोका जा सकता है। उन्होंने रैयतों से अपील की कि वे अपने सभी लंबित भूमि मामलों को इस शिविर के माध्यम से अपडेट कराएं, ताकि सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ आसानी से मिल सके।
इस अभियान के तहत ऑनलाइन खतियान और डिजिटाइज्ड जमाबंदी में सुधार, नाम और पते में संशोधन, प्लॉट संख्या और रकबा की त्रुटियों को ठीक करना, भूमि के प्रकार से संबंधित गलतियों का निराकरण तथा छूटे हुए जमाबंदी की ऑनलाइन प्रविष्टि जैसे महत्वपूर्ण कार्य किए जा रहे हैं।
प्रशासन की ओर से बताया गया कि यह शिविर 15 और 16 अप्रैल 2026 को विभिन्न राजस्व गांवों में आयोजित किया जाएगा। इसके बाद 17 से 23 अप्रैल तक प्राप्त आवेदनों का निष्पादन किया जाएगा और 24 अप्रैल को शेष कार्यों को पूरा कर शिविर का समापन किया जाएगा।
शिविर के सफल संचालन के लिए प्रशासन ने अलग-अलग टीमों का गठन किया है, जो आवेदन के सत्यापन, डिजिटलीकरण और समयबद्ध निष्पादन पर काम कर रही हैं। साथ ही लोगों को ऑनलाइन प्रक्रिया के प्रति जागरूक करने का भी प्रयास किया जा रहा है।
जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे इस पहल का अधिक से अधिक लाभ उठाएं और अपनी जमीन से संबंधित समस्याओं का समाधान कराएं। “आपन जमीन, आपन अधिकार” अभियान को ग्रामीणों के लिए एक बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है, जिससे पारदर्शिता और सुगमता के साथ राजस्व सेवाएं लोगों तक पहुंच रही हैं।