जोहार हिंदुस्तान | गुमला/झारखंड : भारत की आगामी जनगणना 2027 के सफल संचालन को लेकर सूचना भवन, गुमला के सभागार में तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन शशिन्द्र कुमार बड़ाईक, अपर समाहर्ता-सह-जिला जनगणना पदाधिकारी, गुमला द्वारा किया गया।
उद्घाटन अवसर पर उन्होंने जनगणना 2027 के प्रथम चरण के कार्यों को सभी स्तरों पर सावधानीपूर्वक एवं पूर्व निर्धारित कार्य योजना के अनुरूप संपादित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जनगणना एक अत्यंत महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य है, जिसमें सटीकता, पारदर्शिता और समयबद्धता का विशेष महत्व है।
दो चरणों में होगी जनगणना प्रक्रिया
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान बताया गया कि जनगणना 2027 दो चरणों में संपन्न की जाएगी। प्रथम चरण के अंतर्गत मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना का कार्य अप्रैल 2026 से सितंबर 2026 तक किया जाएगा। झारखंड में यह कार्य 16 मई 2026 से 14 जून 2026 तक प्रस्तावित है।
पूरी तरह डिजिटल होगी जनगणना
इस बार जनगणना प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल माध्यम से संपन्न किया जाएगा। पर्यवेक्षक एवं प्रगणक मोबाइल एप के माध्यम से डेटा संग्रहण करेंगे, जबकि सीएमएमएस पोर्टल के जरिए प्रशासनिक स्तर पर कार्यों की निगरानी की जाएगी। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को जनगणना से जुड़े तकनीकी और कानूनी पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी जा रही है।
विशेषज्ञों द्वारा दिया जा रहा प्रशिक्षण
कार्यक्रम का संचालन जनगणना कार्य निदेशालय, झारखंड, रांची के उप निदेशक केश्या नायक एवं सांख्यिकी अन्वेषक ग्रेड-2 राजा शंकर ठाकुर द्वारा किया जा रहा है। वहीं माधुरी बेक, जिला सांख्यिकी पदाधिकारी-सह-अपर जिला जनगणना पदाधिकारी, गुमला ने जनगणना 2027 के संबंध में प्रारंभिक जानकारी साझा की।
कई अधिकारी व कर्मी ले रहे भाग
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 18 मार्च से 20 मार्च 2026 तक आयोजित किया जा रहा है। इसमें अनुमंडल पदाधिकारी (चैनपुर, बसिया, गुमला), जिला शिक्षा अधीक्षक, जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला सूचना विज्ञान पदाधिकारी, जिला जनसम्पर्क पदाधिकारी, सभी चार्ज पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी/अंचल अधिकारी, सहायक चार्ज पदाधिकारी, तकनीकी सहायक एवं जिला स्तरीय जनगणना कोषांग के कर्मी भाग ले रहे हैं।
कार्यक्रम के माध्यम से जिले में जनगणना कार्य को सुचारू, सटीक और प्रभावी ढंग से संपन्न कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है।