जोहार हिंदुस्तान | डेस्क/नई दिल्ली: Odisha Pradesh Congress Committee ने राज्यसभा चुनाव के दौरान क्रॉस वोटिंग के मामले को गंभीरता से लेते हुए कड़ा रुख अपनाया है। पार्टी ने क्रॉस वोटिंग करने वाले अपने तीन विधायकों की सदस्यता रद्द करने के लिए विधानसभा अध्यक्ष से औपचारिक रूप से अनुरोध किया है।
पार्टी की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि राज्यसभा चुनाव के दौरान पार्टी लाइन के विपरीत मतदान करने वाले विधायकों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जिन विधायकों पर क्रॉस वोटिंग का आरोप है, उनमें रमेश चंद्र जेना, दसरथी गोमांगो और सोफिया फिरदौस शामिल हैं।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि इन तीनों विधायकों ने Indian National Congress के आधिकारिक निर्णय और पार्टी व्हिप का उल्लंघन करते हुए विपक्षी खेमे के उम्मीदवार के पक्ष में मतदान किया, जो पार्टी अनुशासन के खिलाफ है।
पार्टी ने स्पष्ट किया है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में पार्टी अनुशासन और निष्ठा का विशेष महत्व होता है। यदि कोई जनप्रतिनिधि पार्टी की आधिकारिक लाइन से हटकर मतदान करता है तो यह संगठन की मर्यादा के खिलाफ माना जाता है। इसी कारण पार्टी ने विधानसभा स्पीकर से अनुरोध किया है कि संबंधित विधायकों की सदस्यता रद्द करने की कार्रवाई की जाए।
कांग्रेस का कहना है कि संगठन की मजबूती और अनुशासन बनाए रखने के लिए इस तरह के मामलों में सख्त कदम उठाना जरूरी है, ताकि भविष्य में कोई भी जनप्रतिनिधि पार्टी के निर्णयों की अवहेलना करने का साहस न कर सके।