जोहार हिंदुस्तान | लोहरदगा: झारखंड में संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने और ग्रामीण मुद्दों पर सीधा संवाद स्थापित करने के उद्देश्य से झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमिटी के निर्देश पर लोहरदगा जिला कांग्रेस कमिटी की ओर से प्रखंड पेशरार मुख्यालय परिसर में ‘जन संवाद’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष सुखैर भगत ने की। इस दौरान पेसा अधिनियम, मनरेगा बचाओ अभियान, ग्राम पंचायत कांग्रेस समिति की भूमिका और मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
पेसा कानून से आदिवासी समाज को मिलेगा अधिकार
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष सुखैर भगत ने कहा कि पंचायत (अनुसूचित क्षेत्रों में विस्तार) अधिनियम (पेसा अधिनियम) झारखंड के आदिवासी समाज के अधिकारों और ग्राम स्वशासन को मजबूत करने वाला ऐतिहासिक कानून है। उन्होंने कहा कि इस कानून के माध्यम से ग्रामसभा को जल, जंगल और जमीन से जुड़े फैसलों में महत्वपूर्ण अधिकार प्राप्त होते हैं। यह कानून गांव की परंपरा, संस्कृति और स्वशासन की व्यवस्था को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से बनाया गया है।
उन्होंने आगे कहा कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) गरीब और मजदूर परिवारों के लिए सम्मानजनक रोजगार का माध्यम है। ग्राम पंचायत कांग्रेस समिति संगठन की जड़ों को मजबूत करने का सबसे प्रभावी मंच है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक करने और संगठन को मजबूत करने का आह्वान किया।
कांग्रेस की योजनाओं को जनता तक पहुंचाने की जरूरत
प्रदेश प्रतिनिधि नेसार अहमद ने कहा कि ग्राम पंचायत कांग्रेस समिति संगठन की सबसे महत्वपूर्ण इकाई है। जब संगठन गांव तक मजबूत होगा तभी कांग्रेस की विचारधारा भी मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) सरकार ने मनरेगा जैसी ऐतिहासिक योजना लागू कर करोड़ों गरीब मजदूरों को रोजगार का अधिकार दिया था, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली और गरीब परिवारों को सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर मिला।
उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार ने मनरेगा की मूल भावना को कमजोर करने की कोशिश की है और कई स्थानों पर योजनाओं का नाम बदलकर उसका श्रेय लेने की राजनीति की जा रही है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि कांग्रेस की जनहितकारी योजनाओं और सच्चाई को जनता तक पहुंचाना हमारी जिम्मेदारी है।
मतदाता सूची पुनरीक्षण को लेकर दिया गया प्रशिक्षण
बूथ लेवल एजेंट मास्टर ट्रेनर सह जिला सोशल मीडिया प्रभारी प्रकाश उराँव ने आगामी मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण दिया। उन्होंने मतदाता सूची की शुद्धता और पारदर्शिता के महत्व को समझाते हुए कहा कि सही और पारदर्शी मतदाता सूची ही लोकतंत्र की मजबूत आधारशिला होती है। उन्होंने सभी बूथ लेवल एजेंट साथियों से अपने-अपने क्षेत्र में सक्रिय रहकर मतदाता सूची का सावधानीपूर्वक निरीक्षण करने की अपील की।
जल-जंगल-जमीन की रक्षा के लिए पेसा कानून जरूरी
पूर्व बीस सूत्री अध्यक्ष रबिन्द्र सिंह खेरवार ने कहा कि झारखंड में लागू पेसा कानून आदिवासी समाज के अधिकारों की रक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि इस कानून के माध्यम से ग्रामसभा को मजबूत बनाया गया है और गांव के लोगों को विकास से जुड़े निर्णयों में भागीदारी का अधिकार दिया गया है। जल, जंगल और जमीन की सुरक्षा के लिए पेसा कानून एक मजबूत ढाल की तरह काम करता है।
बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और ग्रामीण रहे मौजूद
कार्यक्रम के समापन पर प्रखंड अध्यक्ष बुधदेव उराँव ने सभी अतिथियों और उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि जन संवाद कार्यक्रम संगठन को मजबूत करने और जनता के मुद्दों को समझने का महत्वपूर्ण माध्यम है।
इस अवसर पर जिलाध्यक्ष सुखैर भगत, प्रदेश प्रतिनिधि नेसार अहमद, प्रकाश उराँव, पूर्व जिला महासचिव सानियरों उराँव, संतोषी उराँव, पूर्व बीस सूत्री अध्यक्ष रबिन्द्र सिंह खेरवार, संतोष उराँव, अल्पसंख्यक जिलाध्यक्ष मोज्जमिल अंसारी, प्रखंड अध्यक्ष जुगल भगत, सत्यदेव भगत, बुधदेव उराँव, रुस्तम अंसारी, मंडल अध्यक्ष बिना कुमारी, सुनेश्वर भुइंया, सेराज अंसारी, दसई खेरवार, सुना खेरवार, सुलेमान उराँव, लालती देवी, राजेश टोप्पो, सहानंद उराँव, लाले उराँव, चन्द्रदेव भगत, चाम खेरवार, नागेंद्र उराँव, जयउद्दीन अंसारी, बासुदेव भगत, कुलेश्वर तुरी, सर्वजीत भगत, लगनू नागेशिया, संजय उराँव, शिवदयाल असुर, चामु उराँव, प्रेमशीला देवी, सुमरी देवी, दीपक कुमार असुर, मुनेश्वर उराँव, उमेश उराँव, परसनाथ सिंह, लक्मण भगत, कार्तिक उराँव, जगदेव, बसुवा महली सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और ग्रामीण उपस्थित थे।