जोहार हिंदुस्तान | लोहरदगा : हिंडाल्को कंपनी के खिलाफ शुक्रवार को बॉक्साइट श्रमिक संघ झारखंड के बैनर तले सैकड़ों मजदूरों ने ज़ोरदार प्रदर्शन किया। संघ के महामंत्री रामचंद्र गोप के नेतृत्व में हजारों मजदूर हिंडाल्को के लोहरदगा मुख्यालय कोर्ट रोड के बाहर करीब तीन घंटे तक अपनी मांगों को लेकर डटे रहे। इस दौरान मजदूरों ने नारेबाजी करते हुए कहा कि कंपनी मजदूरों की समस्याओं को लगातार नजरअंदाज कर रही है और श्रम कानूनों का खुलेआम उल्लंघन कर रही है।
प्रदर्शन के दौरान श्रमिकों ने आरोप लगाया कि जैसे ही कंपनी प्रबंधन को आंदोलन की सूचना मिली, अधिकारी मुख्यालय छोड़कर चले गए और किसी ने भी मजदूरों की बात सुनने की कोशिश नहीं की। बाद में संघ के प्रतिनिधियों ने कंपनी को 19 सूत्री मांग पत्र सौंपा।
मुख्य मांगें
1. लोहरदगा साइडिंग को अविलंब चालू किया जाए।
2. किसी श्रमिक की अकस्मात मृत्यु पर उसके आश्रित को स्थायी नौकरी दी जाए।
3. मृत श्रमिक के परिजनों को EDLI योजना के तहत 7,32,000 का मुआवजा दिया जाए।
4. जो रैयत अपनी भूमि खनन के लिए देते हैं, उन्हें हिंडाल्को में स्थायी नौकरी दी जाए।
5. सभी खदानों में कार्यरत श्रमिकों को टोरी-रिचुघुटा लोडर मजदूरों की तरह 20% बोनस दिया जाए।
6. श्रम मंत्रालय द्वारा निर्धारित छुट्टियाँ सभी खदानों में लागू की जाएं।
7. संविदा श्रमिकों को भी स्थायी कर्मियों की तरह मुरा मेडिकल सुविधा दी जाए।
8. सेवानिवृत्त होने वाले सभी श्रमिकों को भविष्य निधि, ग्रेच्युटी और पेंशन का पूरा फॉर्म भराया जाए।
9. सभी श्रमिकों को नियुक्ति पत्र (जॉइनिंग लेटर) दिया जाए।
10. सेवानिवृत्ति की आयु 58 वर्ष से बढ़ाकर 60 वर्ष की जाए।
11. उत्पादन कार्य में लगे श्रमिकों को अर्धकुशल मजदूरी दी जाए।
12. दशहरा, दिवाली, होली, सरहुल, रामनवमी और करमा जैसे त्योहारों पर सवैतनिक छुट्टी दी जाए।
13. सभी खदानों में कैंटीन की व्यवस्था की जाए या 20 प्रतिदिन भत्ता दिया जाए।
14. साभरी खदान की तरह प्रति वर्ष 3,000 यात्रा भत्ता दिया जाए।
15. प्रत्येक श्रमिक को वर्ष में दो सेट वर्दी और तीन वर्ष में एक सेट स्वेटर दिया जाए।
16. हर माह छह साबुन दिए जाएं।
17. जालीम खदान के श्रमिकों को भारत सरकार द्वारा निर्धारित राशि देकर ही कोल्ज किया जाए।
18. खनन क्षेत्र की सड़कों का पक्कीकरण किया जाए।
19. सभी संविदा श्रमिकों को समान वेतन, छुट्टी, बोनस और सुविधा दी जाए ताकि असमानता खत्म हो सके।
मजदूरों में आक्रोश, प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप
संघ के महामंत्री रामचंद्र गोप ने कहा कि हिंडाल्को कंपनी और उसके अधिकृत संविदाकार अलग-अलग मजदूरों को भिन्न वेतन और सुविधा दे रहे हैं, जो श्रम कानूनों का उल्लंघन है। इससे मजदूरों में गहरा असंतोष व्याप्त है। उन्होंने कहा कि कंपनी मजदूरों की मेहनत से अरबों का मुनाफा कमा रही है, लेकिन उनके अधिकारों की लगातार अनदेखी की जा रही है।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कंपनी ने जल्द उनकी मांगों पर विचार नहीं किया तो आंदोलन को जिला मुख्यालय से लेकर राज्य स्तर तक विस्तारित किया जाएगा।
इस मौके पर बड़ी संख्या में मजदूर, पंचायत प्रतिनिधि और ग्रामीण भी उपस्थित रहे और श्रमिकों के समर्थन में आवाज बुलंद की।
