जोहार हिंदुस्तान | लोहरदगा : जिले के पेशरार थाना क्षेत्र के केकरांग बड़ टोली में हुए निर्मम तिहरे हत्याकांड का पुलिस ने 48 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। यह वारदात 8/9 अक्टूबर 2025 की मध्यरात्रि में हुई थी, जिसमें लक्ष्मण नगेशिया और उनकी पत्नी बिफनी नगेशिया और उनके 8 वर्षीय दिव्यांग पुत्र रामविलास नगेशिया की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड के तुरंत बाद लोहरदगा एसपी सादिक अनवर रिजवी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए SIT का गठन किया और महज 48 घंटे के भीतर हत्याकांड में शामिल तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की त्वरित कार्रवाई का ग्रामीणों ने ग्राम सभा कर आभार जताया और गांव में हुए इस जघन्य अपराध पर बैठक कर सामूहिक निर्णय लिया।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
लोहरदगा के पुलिस अधीक्षक (एसपी) सादिक अनवर रिजवी के नेतृत्व में पुलिस ने तेज़ी से कार्रवाई करते हुए 48 घंटे के भीतर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया और हत्या में इस्तेमाल हथियार बरामद किए हैं।
एसपीने कहा कि यह एक जघन्य अपराध था। पुलिस ने लगातार छापेमारी कर सबूत जुटाए और 48 घंटे के भीतर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। मामले में और भी लोगों की संलिप्तता की जांच की जा रही है। दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
ग्रामीणों ने जताया आभार
घटना के बाद ग्राम प्रधान ताजे नगेसिया और पहान रामजीत नगेसिया की अध्यक्षता में केकरांग गांव में बैठक आयोजित की गई। बैठक में ग्रामीणों ने इस तिहरे हत्याकांड की कड़ी निंदा की और कहा कि पुलिस की त्वरित कार्रवाई सराहनीय है। गांव के लोगों ने एसपी सादिक अनवर रिजवी और उनकी टीम के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद दिया।
ग्राम प्रधान ताजे नगेसिया ने कहा कि एसपी साहब ने 48 घंटे में हत्यारों को पकड़कर इंसाफ की उम्मीद जगा दी है। अब हमारी मांग है कि फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से दोषियों को कड़ी सजा दी जाए।
डायन-बिसाही का मामला नहीं
गांव के पहान रामजीत नगेसिया ने कहा कि मृतक परिवार पर कभी भी डायन-बिसाही का आरोप नहीं लगाया गया था।
उन्होंने आशंका जताई कि हत्या किसी और कारण से की गई है।
ग्रामीणों ने यह भी कहा कि गिरफ्तार तीन लोगों के अलावा और भी लोग इस साजिश में शामिल हो सकते हैं, इसलिए पुलिस को पूरे मामले की गहराई से जांच करनी चाहिए।
केकरांग तिहरे हत्याकांड ने पूरे इलाके को दहला दिया है, लेकिन पुलिस की तत्परता ने ग्रामीणों के बीच भरोसा मजबूत किया है। अब ग्रामीणों की एक ही मांग है कि फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई कर दोषियों को कठोर सजा दी जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
