जोहार हिंदुस्तान | रांची/झारखंड: रांची रेल मंडल में मानव तस्करी के खिलाफ रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। 16 दिसंबर 2025 को हटिया रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मानव तस्करी की एक गंभीर कोशिश को नाकाम कर दिया और दो नाबालिग बच्चियों को सुरक्षित रेस्क्यू किया। इस मामले में एक संदिग्ध आरोपी को भी गिरफ्तार किया गया है।
कमांडेंट के निर्देश पर लगातार सक्रिय है आरपीएफ
रांची रेल मंडल के कमांडेंट श्री पवन कुमार के निर्देश पर आरपीएफ मानव तस्करी के मामलों को लेकर लगातार सतर्क और सक्रिय भूमिका निभा रही है। इसी क्रम में ऑपरेशन “आहट” के तहत आरपीएफ पोस्ट हटिया की एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) एवं डीएनएफटी टीम, रांची मंडल द्वारा स्टेशन परिसर में नियमित जांच अभियान चलाया जा रहा था।
प्लेटफॉर्म संख्या 01 पर संदिग्ध गतिविधि देख आरपीएफ ने की कार्रवाई
जांच के दौरान हटिया रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या 01 पर वीआईपी गेट के पास दो नाबालिग बच्चियों के साथ एक संदिग्ध व्यक्ति की गतिविधियां पुलिस टीम को संदिग्ध लगीं। टीम ने तत्परता दिखाते हुए तीनों को रोककर पूछताछ की।
पूछताछ में खुला मानव तस्करी का मामला
पूछताछ के दौरान दोनों बच्चियों की उम्र क्रमशः 12 वर्ष और 13 वर्ष पाई गई। जांच में सामने आया कि आरोपी मोहम्मद मुस्तफा अंसारी बच्चियों को काम दिलाने के बहाने चेन्नई ले जा रहा था। आरोपी ने बच्चियों और उनके परिजनों को घरेलू काम कराने के बदले प्रति माह 10,000 रुपये दिलाने का लालच दिया था।
मोबाइल और टिकट से मिले अहम सबूत
आरपीएफ की जांच में यह भी खुलासा हुआ कि आरोपी ने बच्चियों की तस्वीरें अपने मोबाइल फोन से व्हाट्सएप पर भेजी थीं। साथ ही बच्चियों को चेन्नई ले जाने के लिए रेल टिकट भी खरीद लिए गए थे, जिससे मानव तस्करी की पुष्टि हुई।
त्वरित कार्रवाई कर बच्चियों को किया गया सुरक्षित
मामले की गंभीरता को देखते हुए आरपीएफ टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दोनों नाबालिग बच्चियों को आरोपी के चंगुल से सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया और आरोपी को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया।
थाने में मामला दर्ज, आरोपी आगे की कार्रवाई के लिए सौंपा गया
इस संबंध में एएचटीयू/कोतवाली थाना, रांची में मामला दर्ज कर आरोपी को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए संबंधित विभाग को सौंप दिया गया है। वहीं रेस्क्यू की गई दोनों नाबालिग बच्चियों को संरक्षण के लिए प्रेमाश्रय, रांची भेजा गया है, जहां उनकी देखरेख और काउंसलिंग की जा रही है।
