जोहार हिंदुस्तान | हजारीबाग/झारखंड : जय प्रकाश नारायण केन्द्रीय कारा, हजारीबाग से फरार हुए तीन सजायाफ्ता कैदियों को हजारीबाग पुलिस ने त्वरित और सघन कार्रवाई करते हुए महाराष्ट्र के सोलापुर जिले से गिरफ्तार कर लिया है। तीनों कैदी 31 दिसंबर 2025 की रात जेल से फरार हुए थे। गिरफ्तारी के बाद सभी अभियुक्तों को ट्रांजिट रिमांड पर हजारीबाग लाया गया है।
पुलिस के अनुसार 31 दिसंबर 2025 की सुबह करीब सात बजे सूचना मिली थी कि रात लगभग 1:30 बजे तीन कैदी जय प्रकाश नारायण केन्द्रीय कारा से फरार हो गए हैं। सूचना मिलते ही वरीय पुलिस पदाधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। जांच में सामने आया कि तीनों सजायाफ्ता कैदियों ने वार्ड की खिड़की का रॉड काटा और बेडशीट की मदद से नीचे उतरकर आंतरिक और बाहरी दीवार फांदते हुए फरार हो गए।
फरार कैदियों की पहचान देवा भुईयों उर्फ देव कुमार भुईयों, राहुल रजवार और जितेन्द्र रवानी के रूप में हुई है। तीनों धनबाद जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों के निवासी हैं और क्रमशः 20 वर्ष, 27 वर्ष तथा आजीवन कारावास की सजा काट रहे थे। इस मामले में केन्द्रीय कारा के आवेदन पर लोहसिंघना थाना में कांड संख्या 196/2025 दर्ज की गई थी।
घटना की गंभीरता को देखते हुए अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सदर, हजारीबाग अमित आनंद के नेतृत्व में तीन विशेष अनुसंधान दल (SIT) का गठन किया गया। एक टीम तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच में जुटी रही, दूसरी टीम फरार कैदियों के मार्ग का पीछा करती रही, जबकि तीसरी टीम संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही थी।
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि फरारी के बाद तीनों कैदी अलग-अलग स्थानों से होते हुए जसीडीह पहुंचे और वहां से 4 जनवरी 2026 को जसीडीह–पुणे एक्सप्रेस ट्रेन से महाराष्ट्र रवाना हो गए। इसके बाद 6 जनवरी 2026 को सोलापुर जिले के करमाला थाना क्षेत्र अंतर्गत कोरटी स्थित एक ईंट-भट्ठा से तीनों अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस ने बताया कि हजारीबाग पुलिस पूर्व में भी फरार अभियुक्तों की त्वरित गिरफ्तारी के लिए जानी जाती रही है। इससे पहले होल्डिंग फॉरेनर्स कैंप से फरार हुए बांग्लादेशी नागरिकों को भी 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार किया गया था। हजारीबाग पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिले में अपराध नियंत्रण और फरार अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा।
