जोहार हिंदुस्तान | नई दिल्ली/लखनऊ: उत्तर प्रदेश के DIG संजीव त्यागी से जुड़े कथित वायरल ऑडियो मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा आदेश जारी किया है। अदालत ने मामले की जांच के लिए DIG संजीव त्यागी का वॉइस सैंपल लेने का निर्देश दिया है, जिसे तीन सप्ताह के भीतर पूरा करना होगा। यह सैंपल हैदराबाद की फोरेंसिक लैब में जांच के लिए भेजा जाएगा।
क्या है मामला?
यह केस उस कथित ऑडियो क्लिप से जुड़ा है, जो तब वायरल हुई थी जब संजीव त्यागी बिजनौर में SP के पद पर तैनात थे।
बताया जाता है कि ऑडियो में मुस्लिम समुदाय को लेकर आपत्तिजनक बातें कही गई थीं।
देहरादून के बुजुर्ग इस्लामुद्दीन अंसारी ने यह ऑडियो संजीव त्यागी के व्हाट्सएप नंबर पर भेजकर पूछा था— क्या यह आवाज आपकी है?
लेकिन जवाब देने के बजाय पुलिस ने इस्लामुद्दीन पर ही मुकदमा दर्ज कर दिया। उन पर आरोप लगाया गया कि वह घृणा फैलाने वाला कंटेंट प्रसारित कर रहे हैं।
इस्लामुद्दीन पहुंचे सुप्रीम कोर्ट
लंबी कानूनी लड़ाई के बाद इस्लामुद्दीन अंसारी ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने इस्लामुद्दीन पर दर्ज केस रद्द कर दिया और इसके साथ ही DIG संजीव त्यागी का वॉइस सैंपल लेने का आदेश जारी किया है।
अब आगे क्या?
सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि DIG संजीव त्यागी को 3 हफ्तों में वॉइस सैंपल देना होगा, वॉइस सैंपल की फोरेंसिक जांच हैदराबाद में होगी
रिपोर्ट से यह साफ होगा कि कथित भड़काऊ आवाज IPS अधिकारी संजीव त्यागी की है या नहीं
इस फैसले को मामले में एक महत्वपूर्ण मोड़ माना जा रहा है।
