जोहार हिंदुस्तान | चंदवा/लातेहार: लोकआस्था के महापर्व छठ पूजा के दौरान टोरी रेलवे समपार फाटक (क्रॉसिंग) पर होने वाली भारी भीड़ और जाम की समस्या को देखते हुए सामाजिक कार्यकर्ता अयुब खान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, रेलवे महाप्रबंधक (हाजीपुर) और डीआरएम (धनबाद) को एक्स प्लेटफॉर्म (पूर्व ट्विटर) के माध्यम से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
अयुब खान ने स्पष्ट निवेदन किया है कि सोमवार दोपहर 2:30 बजे से शाम 7 बजे तक और मंगलवार प्रातः 3 बजे से 7 बजे तक टोरी रेलमार्ग पर मालगाड़ियों के परिचालन पर रोक लगाई जाए, ताकि लाखों छठ व्रतियों को आवागमन में किसी प्रकार की बाधा न हो।
टोरी रेल क्रॉसिंग पर जाम बना आस्था का सबसे बड़ा अवरोध
अयुब खान ने पोस्ट में कहा कि टोरी जंक्शन क्षेत्र के आसपास अलौदिया, हरैया, कामता, जरमा, सरलाही और उत्तरी दिशा के सैकड़ों गांवों से हजारों की संख्या में श्रद्धालु पैदल एवं वाहनों से दामोदर नदी स्थित छठ घाट पहुंचते हैं। लेकिन टोरी रेलवे फाटक घंटों बंद रहने के कारण श्रद्धालु जाम में फंस जाते हैं, जिससे बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे भारी कठिनाई का सामना करते हैं।
उन्होंने कहा कि छठ व्रतियों के लिए समय पर घाट पहुंचना अत्यंत आवश्यक होता है, क्योंकि अर्घ्य का समय सूर्यास्त और सूर्योदय से जुड़ा होने के कारण विलंब आस्था और परंपरा को प्रभावित करता है।
प्रधानमंत्री के छठ गीत पोस्ट पर दिया जवाब
अयुब खान ने प्रधानमंत्री मोदी द्वारा एक्स हैंडल पर साझा की गई शारदा सिन्हा की छठ गीत का हवाला देते हुए लिखाप्रधानमंत्री जी जब आप छठी मैया की आराधना में गीत साझा कर रहे हैं, तब हम आपसे निवेदन करते हैं कि छठ व्रतियों के मार्ग की सबसे बड़ी समस्या—टोरी रेलवे फाटक जाम—को हल करें। यही सच्ची सेवा और आस्था का सम्मान होगा।
रेलवे द्वारा घोषित विशेष योजनाओं का हवाला
उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि केंद्र सरकार ने दिवाली और छठ पर्व के अवसर पर 1200 स्पेशल ट्रेन चलाने का फैसला किया है वहीं यात्रियों को 20% किराया छूट देने की योजना भी लाई गई है। साथ ही कई ट्रेनों का रूट डायवर्ट कर यात्रियों को सुविधा प्रदान की जा रही है।
इसी तर्ज पर टोरी रेलवे फाटक से गुजरने वाली मालगाड़ियों को कुछ घंटों के लिए स्थगित कर श्रद्धालुओं को राहत देना आवश्यक है।
छठ पर्व का महत्व
नहाय-खाय से शुरू होकर खरना, संध्या अर्घ्य और उदीयमान सूर्य को अर्घ्य तक चार दिवसीय यह पर्व संपूर्ण लोक-आस्था का प्रतीक है। इस दौरान लाखों की संख्या में महिलाएं, पुरुष, बच्चे, बुजुर्ग घाटों की ओर जाते हैं। टोरी जंक्शन का रेलवे फाटक इस मार्ग पर मुख्य बाधा बिंदु बन जाता है।
अयुब खान की मांग
तिथि समय मांग
सोमवार दोपहर 2:30 बजे से शाम 7:00 बजे तक मालगाड़ियों का परिचालन पूर्णतः रोका जाए
मंगलवार प्रातः 3:00 बजे से सुबह 7:00 बजे तक श्रद्धालुओं के आवागमन को प्राथमिकता दी जाए
अयुब खान ने कहा कि जब केंद्र और रेलवे विभाग छठ पर्व को ध्यान में रखते हुए ट्रेनों को डायवर्ट कर विशेष सुविधा दे रहे हैं, तब टोरी रेलवे फाटक पर भी स्थानीय स्तर पर व्यावहारिक सुविधा देना जरूरी है, जिससे लाखों व्रतियों की आस्था का सम्मान हो सके और कोई दुर्घटना या अफरातफरी की स्थिति उत्पन्न न हो।
उन्होंने प्रधानमंत्री और रेलवे अधिकारियों से उम्मीद जताई कि आस्था के इस महापर्व पर यह मांग तत्काल प्रभाव से स्वीकृत होगी और टोरी रेलमार्ग पर मालगाड़ियों के परिचालन पर निर्धारित समय में रोक लगाई जाएगी।
