जोहार हिंदुस्तान | लोहरदगा: झारखंड पठारी चंदवा–लोहरदगा ट्रक ऑनर एसोसिएशन की संचालन समिति ने सेरेंगदाग माइंस में अचानक शुरू की गई खनन गतिविधियों और जालिम माइंस के ट्रकों के समायोजन में देरी को लेकर जोरदार विरोध दर्ज कराया।
संचालन समिति के सदस्यों ने बताया कि जालिम माइंस बंद होने के बाद कई बार हिंडालको कंपनी के वरीय पदाधिकारियों के साथ वार्ता और ज्ञापन के माध्यम से ट्रकों के समायोजन की मांग की गई थी। कंपनी की ओर से लगातार आश्वासन मिलता रहा, लेकिन बिना समायोजन किए अचानक सेरेंगदाग माइंस को शुरू कर दिया गया, जिसे ट्रक मालिकों ने “हिटलरशाही फरमान” करार दिया।
माइंस मैनेजर की सफाई
सेरेंगदाग माइंस पहुंचकर एसोसिएशन ने मैनेजर से बातचीत की। मैनेजर ने स्पष्ट कहा कि उन्हें मैनेजमेंट की ओर से जालिम माइंस के ट्रकों को लोडिंग देने का कोई निर्देश नहीं मिला है, इसलिए वे समायोजन नहीं कर सकते।
इसके विरोध में एसोसिएशन के सदस्यों ने माइंस के कांटा घर पर कई घंटों तक जाम लगाया। जाम की सूचना पहले ही पुलिस अधीक्षक, अनुमंडल पदाधिकारी और सेरेंगदाग थाना को दे दी गई थी।
वार्ता और समाधान का आश्वासन
जाम के दौरान माइंस मैनेजर, पुलिस प्रशासन और ट्रक ऑनर एसोसिएशन के बीच वार्ता हुई। माइंस मैनेजर ने मैनेजमेंट से बात करने के लिए 2 दिन का समय मांगा और आश्वासन दिया कि जालिम माइंस के ट्रकों के समायोजन पर ठोस निर्णय लिया जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि कंपनी द्वारा भेजी गई गाड़ियों की सूची के आधार पर एम-परिवहन में जांच के बाद ही गाड़ियों को लोडिंग मिलेगी।
आश्वासन मिलने के बाद कांटा जाम समाप्त कर दिया गया। मैनेजर ने अपने वरीय पदाधिकारियों को भी स्थिति की जानकारी दी, जिनकी ओर से संदेश आया कि एसोसिएशन को हेड ऑफिस बुलाकर विस्तृत चर्चा की जाएगी और समाधान निकाला जाएगा।
सांसद सुखदेव भगत को दी गई जानकारी
संचालन समिति ने पूरे मामले से लोहरदगा लोकसभा क्षेत्र के सांसद सुखदेव भगत को भी अवगत कराया और कंपनी की गलत नीतियों को रोकने तथा बेरोजगार हुए ट्रक मालिकों की समस्या के समाधान की मांग की।
जाम के दौरान मौजूद प्रमुख सदस्य
जाम और वार्ता के दौरान बड़ी संख्या में ट्रक मालिक और समिति सदस्य मौजूद रहे जिनमें प्रमुख रूप से धर्मेंद्र कुमार, विजय जायसवाल, विनोद सिंह, इरशाद अहमद, काजू कुरैशी, संजू सिंह, खुर्शीद आलम, आसिफ खान, संतोष साहू, मंटू कुमार, गोल्डन कुरैशी, मोहम्मद फिरोज़ अंसारी, दाऊद आलम, साजिद खान, मिराज कुरैशी, मोहम्मद आज़ाद, समीम खान, इम्तियाज़ राय, वाजिद खान, जफर खान, तजमुल खान सहित सैकड़ों की संख्या में ट्रक मालिक मौजूद थे।
