जोहार हिंदुस्तान | डेस्क/नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में अब्दुल गनी शाह बाबा की मजार पर की गई बुलडोजर कार्रवाई के दौरान एक भावनात्मक दृश्य सामने आया, जिसने प्रशासनिक कार्रवाई के बीच इंसानियत और आस्था की संवेदनशील तस्वीर पेश कर दी। मजार के ध्वस्तीकरण की खबर सुनते ही एक हिंदू महिला मौके पर पहुंच गई और फूट-फूटकर रोने लगी। महिला ने बताया कि इसी मजार पर मन्नत मांगने से उसे संतान की प्राप्ति हुई थी।
प्रशासन द्वारा यह कार्रवाई कोर्ट के आदेश के तहत की गई। अधिकारियों के अनुसार यह मजार रेलवे ओवरब्रिज के पास स्थित सरकारी बंजर भूमि पर अवैध रूप से बनाई गई थी। स्थानीय एसडीएम कोर्ट ने मामले की सुनवाई के बाद अतिक्रमण मानते हुए मजार को हटाने का आदेश दिया था, जिसके बाद राजस्व विभाग और पुलिस की मौजूदगी में बुलडोजर कार्रवाई शुरू की गई।
मंगलवार को जब मजार तोड़े जाने की सूचना फैली तो वह महिला मजार पर पहुंची। उसने बताया कि कई वर्ष पहले वह संतानहीन थी। उसने यहां मन्नत मांगी थी, जिसके बाद उसे बेटा हुआ। महिला ने कहा कि यह स्थान उसके लिए सिर्फ एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि उसके जीवन की सबसे बड़ी खुशी से जुड़ा हुआ है।
बुलडोजर कार्रवाई के दौरान मौके पर भारी पुलिस बल की तैनाती की गई थी ताकि किसी भी प्रकार की कानून-व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न न हो। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई किसी धार्मिक भावना को ठेस पहुंचाने के उद्देश्य से नहीं, बल्कि कोर्ट के निर्देश और सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए की गई है।
मजार कमेटी के पदाधिकारियों ने प्रशासन पर दबाव और भय का आरोप लगाया है, वहीं प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया के तहत की गई है। तीसरे दिन कार्रवाई को आंशिक रूप से रोका गया, हालांकि मजार के अवशेषों को हटाने का काम जारी रहा।
यह मामला अब केवल अवैध अतिक्रमण हटाने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि आस्था, भावनाओं और कानून के टकराव का प्रतीक बन गया है। मजार पर पहुंचे लोगों का कहना है कि भले ही कानूनी प्रक्रिया जरूरी हो, लेकिन ऐसे मामलों में मानवीय संवेदनाओं को भी समझना आवश्यक है।
