जोहार हिंदुस्तान | डेस्क/नई दिल्ली : संसद परिसर में आज विपक्ष के नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में इंडिया गठबंधन के सांसदों ने केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान सरकार की विदेश नीति, खासकर अमेरिका के साथ संबंधों और संभावित व्यापारिक समझौतों को लेकर सवाल उठाए गए। इस दौरान प्रदर्शनकारी सांसदों द्वारा सरकार विरोधी नारे लगाए गए और केंद्र सरकार की नीतियों पर तीखी टिप्पणी की गई।

प्रदर्शन में कांग्रेस सहित इंडिया गठबंधन के कई दलों के सांसद शामिल हुए। मौके पर कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। लोहरदगा लोकसभा क्षेत्र के सांसद सुखदेव भगत भी प्रदर्शन में शामिल हुए और केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए।
सांसद सुखदेव भगत ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की स्थिति मजबूत होनी चाहिए, लेकिन हाल के घटनाक्रमों से ऐसा प्रतीत हो रहा है कि भारत से जुड़ी महत्वपूर्ण घोषणाएं पहले विदेशी नेताओं द्वारा की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि देश की व्यापार नीति, ऊर्जा नीति और अंतरराष्ट्रीय समझौतों पर देश की जनता को स्पष्ट जानकारी मिलनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि देश की संप्रभुता और निर्णय क्षमता सर्वोपरि है और इस पर किसी भी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए।

विपक्षी सांसदों का कहना था कि देश में आर्थिक और सामाजिक स्थिरता बनाए रखना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसके लिए पारदर्शिता जरूरी है। प्रदर्शन के दौरान विपक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार महत्वपूर्ण राष्ट्रीय मुद्दों पर पर्याप्त जानकारी साझा नहीं कर रही है।
प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से किया गया, हालांकि संसद परिसर में कुछ समय के लिए राजनीतिक माहौल गरम रहा। विपक्षी नेताओं ने कहा कि वे संसद और जनता के बीच ऐसे मुद्दों को उठाते रहेंगे जो देश के हित से जुड़े हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले समय में भारत की विदेश नीति, व्यापार समझौते और अंतरराष्ट्रीय संबंध देश की राजनीति में बड़ा मुद्दा बन सकते हैं। वहीं सत्तारूढ़ दल का कहना है कि सरकार देशहित में फैसले ले रही है और भारत की वैश्विक स्थिति लगातार मजबूत हो रही है। फिलहाल इस मुद्दे को लेकर संसद के भीतर और बाहर राजनीतिक बयानबाजी तेज होने की संभावना जताई जा रही है।