जोहार हिंदुस्तान | गुमला : झारखंड राज्य बाल संरक्षण संस्था के निदेशक विजय कुमार सिन्हा और यूनिसेफ़ की कंसलटेंट देविका रानी साहू ने रविवार को गुमला जिले में संचालित संप्रेक्षण गृह एवं बालिका गृह का विस्तृत निरीक्षण किया। निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य बच्चों की सुरक्षा, देखभाल, शिक्षा और पुनर्वास से संबंधित व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति का आकलन करना था।
निरीक्षण के दौरान टीम ने सबसे पहले बच्चों के रहने की जगह, भोजन व्यवस्था, स्वास्थ्य सुविधाएँ, पढ़ाई के लिए उपलब्ध संसाधन, मनोरंजन सामग्री तथा सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। अधिकारियों ने बच्चों से व्यक्तिगत रूप से बातचीत कर उनकी समस्याओं व अपेक्षाओं को समझा। कई बच्चों ने अपनी पढ़ाई और स्वास्थ्य से संबंधित बातें साझा कीं।
संस्थानों में सुरक्षा और स्वास्थ्य मानकों की की गई जाँच
निरीक्षण के दौरान टीम ने विशेष रूप से निम्न बिंदुओं पर निर्देश दिया, कमरे, डोरमिटरी और बाथरूम की साफ-सफाई, भोजनालय और रसोई की स्वच्छता, मेडिकल रजिस्टर और स्वास्थ्य जांच रिकॉर्ड, बच्चों की मनोसामाजिक काउंसलिंग की व्यवस्था, CCTV और सुरक्षा कर्मचारियों की उपलब्धता
अधिकारियों ने निर्देश दिया कि बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण नियमित रूप से अपडेट किए जाएँ और पोषण संबंधी व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
महत्वपूर्ण बाल संरक्षण योजनाओं की समीक्षा
निरीक्षण के बाद आयोजित समीक्षा बैठक में निदेशक ने कई महत्वपूर्ण योजनाओं की प्रगति जानी, जिनमें शामिल हैं।
स्पॉन्सरशिप योजना
आफ्टर केयर योजना
फोस्टर केयर कार्यक्रम
चाइल्ड हेल्पलाइन 1098
केस मैनेजमेंट सिस्टम (CMMS)
निदेशक ने यह भी कहा कि बाल देखरेख संस्थानों की पारदर्शिता और उत्तरदायित्व सुनिश्चित करने के लिए सभी केस फाइलें CMMS पोर्टल के माध्यम से समय पर अपडेट की जाएँ।
इसके साथ ही, स्पॉन्सरशिप योजना के लाभुकों का शीघ्र भौतिक सत्यापन कराने का निर्देश दिया गया।
टीम ने संस्थानों में सुधार के लिए दिए सुझाव
निरीक्षण के दौरान टीम ने सुझाव दिया कि बच्चों के लिए नियमित काउंसलिंग सत्र आयोजित किए जाएँ, खेल-कूद और स्किल डेवलपमेंट की गतिविधियाँ बढ़ाई जाएँ।
बालिकाओं के लिए व्यावसायिक प्रशिक्षण (सिलाई, कंप्यूटर, ब्यूटी पार्लर आदि) और अधिक मजबूत किया जाए, लाइब्रेरी और डिजिटल लर्निंग सुविधाएँ बढ़ाई जाएँ।
टीम ने यह भी कहा कि बच्चों के साथ सम्मानजनक व्यवहार, सकारात्मक माहौल और पारिवारिक वातावरण की भावना बनाए रखना बेहद जरूरी है।
निरीक्षण में मौजूद अधिकारी
निरीक्षण के दौरान सहायक निदेशक ललन कुमार रजक, जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी अमर कुमार, जिला चाइल्ड प्रोटेक्शन यूनिट के अन्य कर्मी, भी उपस्थित रहे और उन्होंने सभी बिंदुओं पर टीम को विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराई।
