जोहार हिंदुस्तान | लोहरदगा/झारखंड: जिले में स्थित मशहूर सूफी संत हजरत बाबा दुखन शाह (र.अ.) का चार दिवसीय 101वां सालाना उर्स मुबारक इस वर्ष 12 जनवरी 2026 से शुरू होगा, जो 15 जनवरी 2026 तक चलेगा। उर्स को लेकर पूरे शहर में रौनक का माहौल है। दरगाह परिसर सहित आस-पास के इलाकों को सजाया जा रहा है। अंजुमन इस्लामिया की ओर से सभी तैयारियाँ लगभग पूरी कर ली गई हैं।
उर्स की शुरुआत परचम कुशाई से
अंजुमन इस्लामिया के सदर अब्दुल रऊफ, सेक्रेटरी सैयद शाहिद अहमद उर्फ बेलू और मजार कन्वेनर मोज़म्मिल अंसारी ने बताया कि उर्स की शुरुआत 12 जनवरी को सुबह 10:30 बजे परचम कुशाई की रस्म के साथ की जाएगी। यह रस्म दरगाह परिसर में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी में अदा की जाएगी।
13 जनवरी को केरत और नातिया कलाम का इनामी मुकाबला
उर्स के दूसरे दिन यानी 13 जनवरी को जामा मस्जिद परिसर में केरत और नातिया कलाम का इनामिया मुकाबला आयोजित होगा। जिले भर से कई बच्चे और नौजवान इसमें हिस्सा लेने के लिए रजिस्ट्रेशन कर रहे हैं। विजेताओं को अंजुमन की ओर से पुरस्कार भी दिया जाएगा।
14 जनवरी को गुसुल, सन्दल और पहली चादरपोशी
14 जनवरी को अहले सुबह गुसुल और सन्दल की रस्म अदा की जाएगी। इसके बाद पहली चादरपोशी अंजुमन इस्लामिया की जानिब से पेश की जाएगी।
इसके बाद विशेष रूप से लोहरदगा पुलिस प्रशासन की ओर से गार्ड ऑफ ऑनर दिया जाएगा। पुलिस विभाग की ओर से भी चादरपोशी की जाएगी, जो उर्स की एक खास परंपरा है। हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी प्रशासन की ओर से सुरक्षा, ट्रैफिक और भीड़ प्रबंधन को लेकर विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं।
कव्वाली मुकाबला: दो रात, दो बड़े मुकाबले
उर्स की शान कहे जाने वाले कव्वाली मुकाबले इस बार भी आकर्षण का केंद्र रहेंगे।
14 जनवरी की रात — मशहूर देशभर के कव्वाल नेसार जानी और मुराद आतिफ़ के बीच शानदार कव्वाली मुकाबला होगा।
15 जनवरी की रात — प्रसिद्ध कव्वाल चाँद कादरी और मुराद आतिफ़ के बीच बेहतरीन मुकाबला पेश किया जाएगा।
आयोजकों के अनुसार दोनों रातों का कार्यक्रम देर रात तक चलेगा, जिसके लिए मंच, साउंड सिस्टम और लाइटिंग की विशेष व्यवस्था की जा रही है। बड़ी संख्या में जिले और बाहर से आए मेहमान इसमें शामिल होंगे।
दो दिनों तक लंगरख्वानी
14 और 15 जनवरी को दोपहर में लंगरख्वानी का आयोजन किया जाएगा। हर साल की तरह इस बार भी हजारों लोगों के लिए खाना तैयार किया जाएगा। स्थानीय लोग, व्यापारी और समाजसेवी भी लंगर में सहयोग कर रहे हैं।
सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर प्रशासन अलर्ट
उर्स में प्रतिवर्ष बड़ी संख्या में भीड़ जुटती है। इसे देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस विभाग की ओर से विशेष सुरक्षा प्लान बनाया गया है। दरगाह के आस-पास ट्रैफिक डायवर्जन, मेडिकल टीम, एम्बुलेंस और पुलिस बल की तैनाती की जाएगी, ताकि किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।
शहर में दिख रही है रौनक
उर्स को लेकर शहर में भी खासा उत्साह देखा जा रहा है। बाजारों में चहल-पहल बढ़ गई है और दरगाह के आसपास दुकानें सजने लगी हैं। कई श्रद्धालु उर्स के दौरान मन्नतें पूरी होने पर चादर चढ़ाने और भाग लेने के लिए पहले से ही शहर पहुँचने लगे हैं।
