जोहार हिंदुस्तान | पटना : बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में राजनीतिक समीकरणों में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने पूर्व सांसद मोहम्मद शहाबुद्दीन साहब के बेटे ओसामा शहाब को रघुनाथपुर विधानसभा सीट से उम्मीदवार घोषित किया है।
सबसे भावनात्मक मोड़ तब आया, जब मौजूदा विधायक हरिशंकर यादव ने ओसामा के समर्थन में अपनी सीट छोड़ने का ऐलान किया।
दरअसल, हरिशंकर यादव को विधानसभा का टिकट पहेली बार स्वर्गीय शहाबुद्दीन साहब ने ही दिलाया था, जिसके बाद से वे लगातार कई वर्षों तक इस सीट से विधायक रहे और अब उन्होंने उसी एहसान का बदला चुकाते हुए, उनके बेटे ओसामा शहाब के लिए अपनी सीट त्याग दी है।
यह फैसला न सिर्फ राजनीतिक, बल्कि मानवीय संवेदना और वफादारी की मिसाल बन गया है।
मोहम्मद शहाबुद्दीन साहब जो RJD के कद्दावर नेता और पूर्व सांसद रहे, की राजनीतिक विरासत अब उनके बेटे ओसामा शहाब के हाथों में जा रही है।
रघुनाथपुर विधानसभा क्षेत्र लंबे समय से RJD का मजबूत गढ़ रहा है।
हरिशंकर यादव, जिन्होंने वर्षों तक इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया, ने पार्टी नेतृत्व और शहाबुद्दीन साहब के परिवार के प्रति अपनी निष्ठा एक बार फिर साबित की है।
राजनीतिक समीकरण और असर
इस कदम से RJD को भावनात्मक और संगठनात्मक दोनों लाभ मिलने की संभावना है।
यादव और मुस्लिम मतदाताओं के बीच यह संदेश जा रहा है कि पार्टी में निष्ठा और वफादारी की परंपरा आज भी जिंदा है।
ओसामा शहाब की उम्मीदवारी से पार्टी को युवा नेतृत्व और नई ऊर्जा मिलने की उम्मीद है।
वहीं विपक्षी दलों ने इस फैसले पर राजनीतिक विरासतवाद का आरोप लगाया है, लेकिन समर्थकों के लिए यह “एहसान और वफादारी” का प्रतीक है।
हरिशंकर यादव द्वारा सीट छोड़ना सिर्फ एक राजनीतिक निर्णय नहीं, बल्कि एक भावनात्मक और ऐतिहासिक पल है जिसने शहाबुद्दीन साहब परिवार और RJD की पुरानी नजदीकियों को एक बार फिर जीवित कर दिया है।
अब सबकी निगाहें रघुनाथपुर सीट पर हैं, जहां बेटा अब पिता की अधूरी विरासत को आगे बढ़ाने निकल पड़ा है।
