जोहार हिंदुस्तान | नई दिल्ली : हरियाणा के डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को एक बार फिर जेल से बाहर आने की अनुमति मिल गई है। राम रहीम को 40 दिनों की पैरोल दी गई है, जिसके तहत वह इस दौरान हरियाणा के सिरसा स्थित डेरा मुख्यालय में रहेगा। यह 2017 में सजा मिलने के बाद 15वीं बार है जब राम रहीम जेल से बाहर आया है।
राम रहीम को वर्ष 2017 में दो महिला शिष्यों से बलात्कार के मामले में दोषी ठहराया गया था। विशेष सीबीआई अदालत ने उसे 20 साल की सजा सुनाई थी। इसके बाद से वह रोहतक की सुनारिया जेल में बंद है। इसके बावजूद बीते वर्षों में उसे बार-बार पैरोल और फरलो दी जाती रही है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, 2017 से अब तक राम रहीम को मिली पैरोल और फरलो को जोड़ दिया जाए तो वह करीब 400 दिनों से अधिक समय जेल से बाहर बिता चुका है। यानी सजा के बावजूद लगभग एक साल से ज्यादा समय वह जेल के बाहर रहा है। अब 40 दिन की नई पैरोल जुड़ने के बाद यह अवधि और बढ़ जाएगी।
राम रहीम की पैरोल अक्सर विवादों में रही है। विपक्षी दलों और सामाजिक संगठनों का आरोप रहा है कि उसे चुनावी मौसम, त्योहारों और राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए राहत दी जाती है। इससे न्याय व्यवस्था और पीड़ितों के अधिकारों पर सवाल खड़े होते रहे हैं।
प्रशासन की ओर से कहा गया है कि पैरोल की अवधि में राम रहीम को सार्वजनिक कार्यक्रमों, राजनीतिक गतिविधियों और डेरा से बाहर किसी भी तरह की सभाओं में शामिल होने की अनुमति नहीं होगी। स्थानीय पुलिस और प्रशासन उसकी गतिविधियों पर निगरानी रखेगा।
हालांकि, हर बार की तरह इस बार भी राम रहीम को मिली पैरोल को लेकर देशभर में न्याय, कानून और महिला सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए है।
