जोहार हिंदुस्तान | नई दिल्ली: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने संसद भवन के भीतर चुनाव सुधार को लेकर बेहद गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अगर देश में चुनाव प्रक्रिया पारदर्शी नहीं होगी, तो यह लोकतंत्र के भविष्य के लिए खतरा है।
राहुल गांधी ने संसद में खड़े होकर चार बड़े चुनाव सुधारों की सूची पेश की और जोर देकर कहा कि “यह सुधार होंगे ही — सरकार चाहे या न चाहे।”
1. वोटर लिस्ट चुनाव से 30 दिन पहले मशीन-रीडेबल रूप में सार्वजनिक हो
संसद में बोलते हुए राहुल गांधी ने कहा कि वोटर लिस्ट में धांधली की आशंकाएँ बढ़ती जा रही हैं।
उन्होंने मांग रखी कि चुनाव से एक महीना पहले मशीन-रीडेबल वोटर लिस्ट सार्वजनिक की जाए ताकि हर नागरिक और विपक्ष उस सूची का सत्यापन कर सके।
उन्होंने कहा कि कई राज्यों में मतदाता सूची में फर्जी या डुप्लीकेट प्रविष्टियां सामने आ रही हैं, जो चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती हैं।
2. CCTV फुटेज 45 दिन में मिटाने वाला कानून वापस लिया जाए
राहुल गांधी ने संसद में इसे “काला कानून” बताया।
उन्होंने कहा कि जहां पारदर्शिता होनी चाहिए, वहां सरकार सबूत मिटाने की व्यवस्था कर रही है। यह चुनाव प्रक्रिया पर अविश्वास बढ़ाता है। उन्होंने चुनाव आयोग से इस नियम को तुरंत वापस लेने की मांग की।
3. EVM का पूरा आर्किटेक्चर सार्वजनिक किया जाए, विपक्ष को पहुंच मिले EVM की सुरक्षा और पारदर्शिता पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि जब तक EVM का डेटा, सॉफ्टवेयर, आर्किटेक्चर और टेस्टिंग प्रक्रिया विपक्ष और जनता के लिए खुली नहीं होगी — तब तक EVM पर भरोसा कैसे बनेगा?
उन्होंने संसद को बताया कि कई लोकतांत्रिक देशों में EVM का विस्तृत परीक्षण और सार्वजनिक ऑडिटिंग अनिवार्य है।
4. चुनाव आयुक्तों को दंड से बचाने वाला कानून बदला जाए
राहुल गांधी ने संसद में कहा कि सरकार ने ऐसा कानून बनाया है जिसमें चुनाव आयुक्तों पर कार्रवाई लगभग असंभव हो गई है।
उन्होंने इसे लोकतांत्रिक जवाबदेही पर सीधा हमला बताया और कहा कि चुनाव आयुक्तों की स्वतंत्रता और जिम्मेदारी बहाल करने के लिए यह कानून बदला जाना जरूरी है।
राहुल गांधी का आरोप संसद में सरकार जवाब देने से बच रही है।
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि जब हम चुनाव सुधारों पर सवाल उठाते हैं, सरकार भी चुप रहती है और आयोग भी। यह लोकतंत्र के लिए खतरनाक संकेत है। उन्होंने साफ कहा कि विपक्ष इन मुद्दों पर पूरे देश में अभियान चलाएगा।
