जोहार हिंदुस्तान | रांची/झारखंड: जमशेदपुर शहर के लिए यह गर्व और खुशी की बात है कि देश के प्रख्यात इस्लामिक विद्वान, शाही इमाम पंजाब एवं मजलिस अहरार-ए-इस्लाम, भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष हज़रत मौलाना मोहम्मद उस्मान रहमानी साहब लुधियानवी का आगमन हो रहा है। उनके जमशेदपुर आगमन को लेकर धार्मिक, सामाजिक और बौद्धिक हलकों में खासा उत्साह देखा जा रहा है।
इस संबंध में जानकारी देते हुए इमरात शरिया जमशेदपुर के नायब काज़ी मौलाना अफरोज सलीमी अल-कासमी ने बताया कि दिनांक 18 जनवरी 2026, रविवार को मगरिब की नमाज़ के तुरंत बाद मस्जिद आम बागान, साकची, जमशेदपुर में एक विशाल “इत्तेहाद-ए-मिल्लत कॉन्फ्रेंस” का आयोजन किया जा रहा है। इस सम्मेलन में शाही इमाम पंजाब मौलाना उस्मान लुधियानवी मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे और आपसी भाईचारे, मिल्लत की एकता तथा सामाजिक सौहार्द पर अपना मार्गदर्शन देंगे।
युवा सामाजिक कार्यकर्ता एवं नेता काशिफ रज़ा सिद्दीकी ने बताया कि इस अवसर पर झारखंड सरकार के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री माननीय हफीजुल हसन साहब भी विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। उन्होंने कहा कि मौलाना उस्मान लुधियानवी न सिर्फ मुस्लिम समाज में बल्कि सिख समुदाय में भी एक प्रतिष्ठित और सम्मानित नाम हैं। पंजाब में मुस्लिम-सिख भाईचारा मजबूत करने में उनका योगदान ऐतिहासिक रहा है। इसी क्रम में उनके जमशेदपुर आगमन पर साकची गुरुद्वारा में भी सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमिटी की ओर से एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया है।
कॉन्फ्रेंस में जमशेदपुर और आसपास के क्षेत्रों के उलेमा, अन्य धर्मों के धर्मगुरु, बुद्धिजीवी, सामाजिक कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में आम नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। आयोजन को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में हैं और आयोजन समिति दिन-रात कार्यक्रम को सफल बनाने में जुटी हुई है।
नायब काज़ी मौलाना अफरोज सलीमी अल-कासमी, काशिफ रज़ा सिद्दीकी, मौलाना अरशद नदवी, मौलाना वकार खान एवं उनकी पूरी टीम ने शहरवासियों से, विशेष रूप से युवाओं से अपील की है कि वे इस इत्तेहाद-ए-मिल्लत कॉन्फ्रेंस में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें और धार्मिक, सामाजिक एवं राष्ट्रीय एकता का मजबूत संदेश देने में अपनी भूमिका निभाएं।