जोहार हिंदुस्तान | विषेश संवाददाता/ नई दिल्ली: देश में जनगणना 2027 की औपचारिक तैयारी शुरू हो गई है। केंद्र सरकार ने जनगणना को लेकर आधिकारिक अधिसूचना जारी करते हुए सभी नागरिकों से पूछे जाने वाले 33 सवालों की सूची सार्वजनिक कर दी है। यह अधिसूचना गृह मंत्रालय के अधीन भारत के रजिस्ट्रार जनरल एवं जनगणना आयुक्त कार्यालय द्वारा जारी की गई है।
सरकारी अधिसूचना के अनुसार जनगणना का पहला चरण 1 अप्रैल 2026 से 30 सितंबर 2026 तक चलेगा। इस चरण में देशभर में घर-घर जाकर हाउस लिस्टिंग और हाउसिंग जनगणना की जाएगी। इस दौरान प्रत्येक मकान और परिवार से जुड़ी विस्तृत जानकारी एकत्र की जाएगी।
सरकार द्वारा जारी सूची के अनुसार जनगणना कर्मी मकान संख्या, घर का प्रकार, फर्श, दीवार और छत की सामग्री, मकान की स्थिति, परिवार के मुखिया का नाम, लिंग, सामाजिक वर्ग, परिवार के सदस्यों की संख्या, कमरों की संख्या, विवाहित दंपतियों की संख्या जैसी जानकारियां दर्ज करेंगे। इसके साथ ही पेयजल स्रोत, शौचालय, स्नानघर, रसोई, एलपीजी या पीएनजी कनेक्शन, बिजली, ईंधन, इंटरनेट, मोबाइल फोन, टीवी, रेडियो, लैपटॉप, वाहन, साइकिल, मोटरसाइकिल, कार और घर में उपयोग होने वाले मुख्य खाद्यान्न की जानकारी भी ली जाएगी।
अधिसूचना में यह भी स्पष्ट किया गया है कि जनगणना के दौरान मोबाइल नंबर केवल जनगणना से संबंधित संचार के लिए लिया जाएगा, किसी अन्य उद्देश्य के लिए इसका उपयोग नहीं किया जाएगा।
सरकार ने नागरिकों को आश्वस्त किया है कि जनगणना के दौरान एकत्र की जाने वाली सभी जानकारियां पूरी तरह गोपनीय रहेंगी। इन आंकड़ों का उपयोग केवल सांख्यिकीय विश्लेषण और सरकारी नीतियों के निर्माण के लिए किया जाएगा। किसी भी नागरिक की व्यक्तिगत जानकारी सार्वजनिक नहीं की जाएगी।
साथ ही यह भी कहा गया है कि जनगणना कार्य में लगे कर्मी अधिकृत पहचान पत्र के साथ ही घर-घर जाएंगे। नागरिकों से अपील की गई है कि वे केवल अधिकृत जनगणना कर्मियों को ही जानकारी दें और किसी भी संदिग्ध व्यक्ति से सतर्क रहें। सरकार ने लोगों से सही और पूर्ण जानकारी देने की अपील की है ताकि जनगणना के आंकड़े सटीक हो सकें।
विशेषज्ञों के अनुसार जनगणना के आंकड़ों के आधार पर ही सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, सड़क, पेयजल, राशन, पेंशन और रोजगार जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं की रूपरेखा तय करती है। इसलिए जनगणना में दी गई प्रत्येक जानकारी देश के विकास से सीधे जुड़ी होती है।
पहले चरण की हाउस लिस्टिंग प्रक्रिया पूरी होने के बाद वर्ष 2027 में जनसंख्या से संबंधित मुख्य जनगणना कराई जाएगी, जिसमें देश की कुल आबादी, सामाजिक और आर्थिक संरचना से जुड़े महत्वपूर्ण आंकड़े सामने आएंगे।