जोहार हिंदुस्तान | लोहरदगा: पतंजलि योगपीठ हरिद्वार के तत्वावधान में भारत पतंजलि स्वाभिमान एवं पतंजलि योग समिति के बैनर तले बुधवार को सुंदरी देवी सरस्वती शिशु मंदिर, लोहरदगा में मेधावी छात्र-छात्राओं के परिचय सह सम्मान समारोह का भव्य आयोजन किया गया। समारोह में जिले के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बच्चों को सम्मानित कर राष्ट्र निर्माण में उनकी भागीदारी को प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ किया गया, जिसमें पतंजलि योग समिति एवं वनवासी कल्याण केंद्र से कृपा प्रसाद सिंह, शांति आश्रम के आचार्य शरत चंद्र, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सच्चिदानंद प्रसाद, बार एसोसिएशन अध्यक्ष अधिवक्ता हेमंत कुमार सिन्हा, समाजसेवी एवं प्रसिद्ध दंत चिकित्सक डॉ. टी साहू सहित कई विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे।
भारतीय संस्कृति और संयुक्त परिवार प्रणाली ही सफलता का मूल आधार: सच्चिदानंद प्रसाद
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सच्चिदानंद प्रसाद ने कहा कि आज की पीढ़ी में डिप्रेशन और मानसिक तनाव का सबसे बड़ा कारण पारिवारिक व्यवस्था में आई टूटन है।
उन्होंने कहा पहले संयुक्त परिवार हुआ करते थे, जहां संस्कार मिलते थे, संवाद होता था। आज हम ‘हम दो हमारे एक’ की सोच तक सीमित हो गए हैं। बच्चों को अपने माता-पिता और बड़ों के साथ खुलकर संवाद करने की आवश्यकता है।
देशहित सर्वोपरि होनी चाहिए सोच: कृपा प्रसाद सिंह
वनवासी कल्याण केंद्र के कृपा प्रसाद सिंह ने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि शांति आश्रम जैसी संस्थाएं गांवों में छिपी प्रतिभाओं को आगे लाने का कार्य कर रही हैं।
उन्होंने कहा विद्यार्थियों को पहले राष्ट्रहित को प्राथमिकता देना चाहिए। जब देश आगे बढ़ेगा तभी आपका भविष्य उज्ज्वल होगा।
सम्मानित छात्र बने प्रेरणा स्रोत
कार्यक्रम में शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं, कला एवं अन्य क्षेत्रों में विशिष्ट उपलब्धि प्राप्त करने वाले छात्रों को पुष्पगुच्छ, शॉल एवं सम्मान पत्र देकर सम्मानित किया गया। सम्मान पाने वालों में प्रमुख नाम शामिल हैं। पुष्पांजलि कुमारी, दिव्या कुमारी, अर्चना कुमारी, सृष्टि सिंह, स्मृति सिंह, सुदीपा पाठक, आयुष कुमार, सौरभ कुमार, वैष्णवी कुमारी सोनी, आदित्य कुमुद आदि शामिल हैं। सभी को मंच पर बुलाकर उनके परिचय के साथ सम्मानित किया गया, जिससे माहौल तालियों से गूंज उठा।
लक्ष्य निर्धारण और अनुशासन से ही मिलता है सफलता का मार्ग
बार एसोसिएशन अध्यक्ष अधिवक्ता हेमंत कुमार सिन्हा ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि लक्ष्य ऊँचा रखें, परंतु रास्ते में अनुशासन और संस्कार न छोड़ें।
राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित शिक्षक गणेश लाल ने भी बच्चों को जीवन में नैतिक मूल्यों को अपनाने की सलाह दी।
कार्यक्रम में समाज के सभी वर्गों की रही उपस्थिति
इस समारोह में बड़ी संख्या में छात्र, अभिभावक, शिक्षक एवं समाजसेवी उपस्थित थे।
मंच पर विवेक कुमार मधुर, प्रवीण कुमार भारती सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे और कार्यक्रम का संचालन देशभक्ति और सांस्कृतिक मूल्यों से ओतप्रोत माहौल में हुआ।
कार्यक्रम के अंत में यह संदेश दिया गया कि “प्रतिभा केवल परीक्षा के अंकों से नहीं, बल्कि जीवन मूल्यों, चरित्र और राष्ट्र के प्रति समर्पण से पहचानी जाती है।”
इस सम्मान समारोह ने लोहरदगा में शिक्षा और संस्कार की नई अलख जगाने का कार्य किया और छात्रों को आगे बढ़ने के लिए नई ऊर्जा प्रदान की।
