जोहार हिंदुस्तान | हजारीबाग/झारखंड: प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लाभुक को पहली किस्त जारी कराने के बदले रिश्वत मांगने वाले पंचायत सचिव को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की टीम ने रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, प्रमंडलीय कार्यालय हजारीबाग द्वारा की गई।
मामला मांडू थाना क्षेत्र के हुआंग पंचायत का है। वादी मो. अलीजान अंसारी (उम्र 40 वर्ष), पिता स्व. वली मोहम्मद, निवासी ग्राम हुआंग, पोस्ट बलसगरा, थाना मांडू, जिला हजारीबाग ने एसीबी में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत आवास स्वीकृत हुआ है, जिसका Sanction No. JH16017/3/1204 है। अन्य लाभुकों को योजना की पहली किस्त का भुगतान हो चुका था, लेकिन उनसे अब तक एक भी किस्त का भुगतान नहीं किया गया।
शिकायत के अनुसार, जब वादी ने पंचायत सचिव प्रभु नारायण सिंह से पहली किस्त के भुगतान को लेकर संपर्क किया, तो सचिव ने 10,000 रिश्वत की मांग की और स्पष्ट कहा कि जब तक पैसा नहीं मिलेगा, तब तक भुगतान नहीं होगा। बाद में सौदा 5,000 में तय हुआ, जिसे दो किस्तों में देने की बात कही गई।
मामले की जांच के लिए सत्यापनकर्ता द्वारा विधिवत जांच की गई, जिसमें रिश्वत मांगे जाने की बात सही पाई गई। इसके आधार पर भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, हजारीबाग थाना कांड संख्या 14/2025, दिनांक 22 दिसंबर 2025 को मामला दर्ज किया गया।
इसके बाद एसीबी हजारीबाग की ट्रैप टीम ने 23 दिसंबर 2025 को दंडाधिकारी और दो स्वतंत्र सरकारी गवाहों की मौजूदगी में जाल बिछाया। पंचायत सचिव प्रभु नारायण सिंह को वादी से 2,500 की पहली किस्त रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया गया।
गिरफ्तार आरोपी प्रभु नारायण सिंह, पंचायत सचिव, हुआंग पंचायत, पंचायत प्रखंड डाडी, जिला हजारीबाग है। गिरफ्तारी के बाद उससे पूछताछ की जा रही है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
