जोहार हिंदुस्तान | लोहरदगा/झारखंड: परमवीर चक्र विजेता और झारखंड के गौरव परमवीर अल्बर्ट एक्का के बलिदान दिवस पर बुधवार को एमएलए महिला कॉलेज, लोहरदगा के शिक्षकों और छात्राओं ने उन्हें नमन किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कॉलेज के प्रिंसिपल स्नेह कुमार ने की।
कार्यक्रम में 1971 के भारत-पाक युद्ध के दौरान गंगासागर की रणभूमि में अल्बर्ट एक्का द्वारा दिखाए गए अतुलनीय साहस, वीरता और देशभक्ति को विस्तार से याद किया गया। वक्ताओं ने बताया कि कैसे दुश्मन की मशीनगन पोस्ट पर अकेले हमला कर अल्बर्ट एक्का ने भारत की विजय सुनिश्चित की।
प्रिंसिपल स्नेह कुमार ने कहा कि परमवीर अल्बर्ट एक्का ने अपने साहस से झारखंड का नाम देश-विदेश में रोशन किया। मात्र 26 वर्ष की आयु में सर्वोच्च बलिदान देने वाले अल्बर्ट एक्का युवाओं के लिए प्रेरणा के सर्वोच्च स्रोत हैं। उनकी वीरता सदियों तक याद की जाएगी।
कार्यक्रम में राष्ट्रवादी कवि रामधारी सिंह ‘दिनकर’ की यह पंक्तियाँ भी कोट की गईं—
“मुझे तोड़ लेना वनमाली, उस पथ पर तुम देना फेंक,
मातृभूमि पर शीश चढ़ाने, जिस पथ जाएं वीर अनेक।”
इन पंक्तियों के माध्यम से उपस्थित लोगों ने देश की सुरक्षा के लिए प्राण न्योछावर करने वाले सभी वीर जवानों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की।
अंत में कॉलेज के सभी शिक्षक, शिक्षकेत्तर कर्मचारी और छात्राएं मौन रखकर परमवीर अल्बर्ट एक्का को श्रद्धांजलि दी।
