जोहार हिंदुस्तान | पटना/नई दिल्ली : राजद सुप्रीमो, पूर्व रेल मंत्री और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव ने केंद्र की भाजपा नेतृत्व वाली एनडीए सरकार पर छठ महापर्व के दौरान बिहार के लिए ट्रेनों की व्यवस्था को लेकर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि सरकार दावा कर रही है कि छठ के अवसर पर बिहार के लिए 1200 स्पेशल ट्रेन चलाई गई है, लेकिन हकीकत यह है कि लोग एसी कोच के बाथरूम तक में बैठकर सफर करने को मजबूर हैं।
लालू यादव का तंज – “झूठ के बेताज बादशाह और जुमलों के सरदार”
लालू यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा देश की कुल 13,198 ट्रेनों में से 12,000 ट्रेनें बिहार के लिए चला दी गईं – यह सफेद झूठ है। अगर इतनी ट्रेनें चल रहीं हैं, तो फिर लोग ट्रेन की छत, बाथरूम और दरवाजे पर लटकर सफर क्यों कर रहे हैं?”
उन्होंने कहा कि छठ जैसे महापर्व, जो लोक आस्था का प्रतीक है, उस पर भी अगर बिहार के लोगों को सम्मानजनक यात्रा सुविधा न मिले तो यह सरकार की विफलता और बिहार विरोधी मानसिकता को दर्शाता है।
ट्रेनों में उमड़ा जनसैलाब – मानवीय गरिमा तार-तार
छठ पर अपने घर लौट रहे लोगों की भीड़ को बताते हुए उन्होंने कहा कि लोग ट्रेन के अंदर जगह न मिलने पर बाथरूम और इंजनों तक में बैठकर यात्रा करने को मजबूर हैं।
यह स्थिति केवल अव्यवस्था नहीं, बल्कि सरकार की संवेदनहीनता का प्रमाण है।
बिहार पलायन और बेरोजगारी पर केंद्र पर वार
राजद प्रमुख ने कहा एनडीए सरकार के 20 सालों में बिहार में एक भी बड़ा उद्योग नहीं लगाया गया। इसके कारण बिहार के 4 करोड़ से अधिक लोग हर साल रोजगार के लिए दूसरे राज्यों में पलायन कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि अगर बिहार में रोजगार के अवसर होते, तो छठ के समय इतनी संख्या में लोगों को वापस लौटने की मजबूरी नहीं होती।
लालू यादव के मुख्य आरोप
मुद्दा लालू यादव का आरोप
स्पेशल ट्रेन का दावा 1200 ट्रेन का दावा झूठा, ज़मीनी हकीकत में अत्यधिक भीड़
रेलवे प्रबंधन यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा के प्रति सरकार लापरवाह
रोजगार और उद्योग एनडीए सरकार ने बिहार में कोई बड़ा उद्योग नहीं लगाया
पलायन डबल इंजन सरकार की नीतियां असफल, करोड़ों बिहारवासी पलायन को विवश
लालू यादव का तीखा बयान
मेरे बिहारवासियों को अमानवीय तरीके से ट्रेन में सफर करना पड़ रहा है। क्या यही डबल इंजन सरकार का विकास मॉडल है? ये सरकार बिहार के खिलाफ है और बिहारियों की तकलीफों के प्रति संवेदनहीन है।
छठ महापर्व को लेकर लालू यादव का यह बयान आगामी बिहार विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक माहौल को गर्माने वाला माना जा रहा है। यह स्पष्ट है कि राजद सुप्रीमो इस मुद्दे को बिहार की अस्मिता, रोजगार और सम्मान से जोड़कर जनता के बीच ले जाने की तैयारी में हैं।
