जोहार हिंदुस्तान | नई दिल्ली: जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्र संघ (JNUSU) चुनाव 2025 में एक बार फिर वामपंथी छात्र संगठनों ने अपना परचम लहराया है। लेफ्ट यूनिटी ने अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, महासचिव और संयुक्त सचिव — चारों प्रमुख पदों पर जीत दर्ज की है।
वहीं, पिछले साल एक सीट जीतने वाली अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) इस बार चारों पदों पर हार गई है।
लेफ्ट यूनिटी का क्लीन स्वीप
इस बार JNU के केंद्रीय पैनल में चारों सीटों पर लेफ्ट समर्थित उम्मीदवार विजयी रहे।
अध्यक्ष: अदिति मिश्रा
उपाध्यक्ष: कीझाकूट गोपिका बाबू
महासचिव: सुनील यादव
संयुक्त सचिव: दानिश अली
चारों उम्मीदवारों ने अपने-अपने प्रतिद्वंद्वियों को अच्छे खासे अंतर से मात दी। आधिकारिक परिणामों की औपचारिक घोषणा का इंतजार है, लेकिन सभी पदों पर वाम उम्मीदवारों की बढ़त और जीत की पुष्टि हो चुकी है।
ABVP और NSUI को झटका
ABVP को इस बार एक भी सीट नहीं मिली। वहीं, कांग्रेस समर्थित NSUI ने भी चुनाव लड़ा, लेकिन किसी भी पद पर मुख्य मुकाबले में नहीं आ सकी।
इस परिणाम ने साफ कर दिया कि जेएनयू में अब भी वाम राजनीति का प्रभाव बरकरार है।
मतदान और नतीजे
इस बार मतदान मंगलवार को संपन्न हुआ था और गुरुवार देर रात तक वोटों की गिनती चली।
जेएनयू में EVM से नहीं, बल्कि बैलेट पेपर से मतदान होता है, जिस वजह से परिणाम आने में देर हुई।
गुरुवार सुबह तक कई पदों पर कांटे का मुकाबला रहा, लेकिन अंततः चारों सीटों पर लेफ्ट यूनिटी ने निर्णायक बढ़त बना ली।
कैंपस राजनीति में वाम की मजबूती
पिछले कुछ वर्षों से JNU में वाम संगठनों का दबदबा लगातार बना हुआ है।
लेफ्ट यूनिटी (AISA, SFI, AISF और DSF) का यह गठबंधन छात्रों के बीच सामाजिक न्याय, शिक्षा में समानता और कैंपस लोकतंत्र जैसे मुद्दों पर अपनी पकड़ बनाए रखने में सफल रहा है।
इस जीत के बाद छात्र राजनीति में वामपंथी विचारधारा की स्थिति और मजबूत होने की उम्मीद है।
छात्रों में उत्साह, परिसर में जश्न का माहौल
परिणामों के बाद जेएनयू परिसर में लेफ्ट समर्थक छात्र संगठनों के बीच जश्न का माहौल रहा।
समर्थकों ने नारेबाजी और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ अपनी जीत का जश्न मनाया।
वहीं, ABVP की ओर से कहा गया कि वे आने वाले दिनों में छात्र हितों के लिए संघर्ष जारी रखेंगे।
