जोहार हिंदुस्तान | रांची: झारखंड सरकार ने राज्य में Sand Mining Rules 2025 को लागू कर दिया है। नए नियमों के तहत बालू घाटों के संचालन, नीलामी और निगरानी की प्रक्रिया को स्पष्ट किया गया है। इसके साथ ही राज्य में बालू के व्यवस्थित खनन और पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
हाईकोर्ट की टिप्पणी के बीच लागू हुए नियम
झारखंड हाईकोर्ट ने सरकार को स्पष्ट निर्देश दिया था कि PESA नियमों की अधिसूचना पूरी करें, तभी बालू घाटों पर लगी रोक हटाई जा सकती है। कोर्ट ने साफ कहा था कि सरकार नीलामी आगे बढ़ाने से पहले सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरा करे।
पहली ई-नीलामी में 347 करोड़ की कमाई
सरकार द्वारा लागू की गई नई व्यवस्था के बाद पहली ई-नीलामी में झारखंड को भारी राजस्व मिला है। रिपोर्ट के मुताबिक राज्य को 347.55 करोड़ रुपये की आमदनी हुई है, जो अब तक की सबसे बड़ी आय में से एक है।
यह राशि रांची और खूंटी समेत कई जिलों के घाटों की नीलामी से प्राप्त हुई है।
अवैध खनन पर होगी कड़ी कार्रवाई
नए नियमों के लागू होने के बाद राज्य सरकार ने सभी जिलों को निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
अवैध खनन और परिवहन पर तुरंत जब्ती, नियम उल्लंघन पर भारी जुर्माना, घाटों की इलेक्ट्रॉनिक निगरानी, जैसी व्यवस्थाएं लागू की जाएंगी।
नियमों से पारदर्शिता बढ़ने की उम्मीद
खनन विभाग का कहना है कि नए सैंड माइनिंग नियमों से अवैध वसूली पर रोक, घाटों की पारदर्शी नीलामी, राजस्व में वृद्धि, जैसे सकारात्मक प्रभाव देखने को मिलेंगे।
दर संबंधी आदेश अभी तक सार्वजनिक नहीं
सरकारी दरें (बाजार मूल्य या प्रति 100 CFT दर) को लेकर अभी तक कोई सार्वजनिक, आधिकारिक अधिसूचना उपलब्ध नहीं है।
जैसे ही दरों पर आधिकारिक आदेश आएगा, उसे अपडेट किया जा सकेगा।
