जोहार हिंदुस्तान | नई दिल्ली : दिल्ली स्थित केंद्रीय विश्वविद्यालय जामिया मिल्लिया इस्लामिया (JMI) ने Times Higher Education (THE) World University Rankings 2026 में 401–500 रैंकिंग बैंड में स्थान पाकर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है।
यह पिछले वर्ष के 501–600 बैंड की तुलना में एक ऊँची छलांग है, जिससे JMI ने देश में अपनी स्थिति और प्रतिष्ठा को और मजबूत किया है। JMI THE की वेबसाइट पर “Ranked 401–500 in World University Rankings 2026” के रूप में दर्शाया गया है।
भारत में JMI का स्थान
जामिया मिल्लिया इस्लामिया, केंद्रीय विश्वविद्यालयों में यह एकमात्र विश्वविद्यालय है जो इस 401–500 रैंक बैंड में शामिल हुआ है।
भारत के सभी विश्वविद्यालयों में JMI तीसरे स्थान पर माना गया है (THE भारत सूची में)।
इस उपलब्धि ने जामिया मिल्लिया इस्लामिया को देश में शिक्षा और शोध के क्षेत्र में और अधिक मान्यता दिलाई है।
क्यों है ये उपलब्धि महत्वपूर्ण?
1. रैंकिंग सुधार
JMI ने पिछले वर्ष की तुलना में बेहतर रैंकिंग प्राप्त की है — 501–600 से ऊपर उठकर 401–500 बैंड में जाना। यह विश्वविद्यालय की गुणवत्ता, शोध, शिक्षण और अंतरराष्ट्रीय दृष्टिकोण में सुधार को दर्शाता है।
2. मूल्यांकन के पैमाने
THE रैंकिंग का मापदंड “Teaching, Research, Citations, Industry Income, International Outlook” है। JMI ने इन सभी मदों में पर्याप्त प्रदर्शन दिखाया है।
3. प्रतिष्ठा एवं अवसर
इस रैंकिंग से JMI को अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर और अधिक स्वीकार्यता मिलेगी। यह छात्रों और शोधकर्ताओं को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने का अवसर देगा।
अन्य राष्ट्रीय रैंकिंग — NIRF में JMI की स्थिति
JMI ने NIRF 2025 की रैंकिंग में समेकित (Overall) श्रेणी में 13वां स्थान बनाए रखा है और विश्वविद्यालयों की श्रेणी में 4वां स्थान प्राप्त किया है।
यह दर्शाता है कि जामिया मिल्लिया इस्लामिया न सिर्फ वैश्विक प्लेटफार्म पर बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी स्थिर प्रदर्शन कर रहा है।
जामिया मिल्लिया इस्लामिया की यह सफलता न सिर्फ विश्वविद्यालय की उपलब्धि है बल्कि पूरे भारतीय उच्च शिक्षा प्रणाली की प्रगति का संकेत है।
401–500 रैंक बैंड में स्थान प्राप्त कर JMI ने यह प्रमाणित किया है कि मेहनत, गुणवत्ता और निरंतर सुधार किसी भी संस्थान को वैश्विक मान्यता दिला सकते हैं।
