जोहार हिंदुस्तान | रांची/झारखंड: राज्य में पुलिस व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ एवं आधुनिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया जा रहा है। राज्य के 12 जिलों में इंटीग्रेटेड थानों के निर्माण का शिलान्यास शुक्रवार को मुख्यमंत्री Hemant Soren द्वारा किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य विभिन्न विशेष थानों की सेवाओं को एक ही परिसर में उपलब्ध कराकर आम लोगों को त्वरित और सुगम न्याय व्यवस्था उपलब्ध कराना है।
सरकारी सूत्रों के अनुसार जिन जिलों में इंटीग्रेटेड थानों का शिलान्यास किया जाएगा, उनमें Ranchi, Hazaribagh, Bokaro, Deoghar, Dhanbad, East Singhbhum, Garhwa, Giridih, Palamu, Gumla, Chatra और Dumka शामिल हैं। इन जिलों में बनने वाले इंटीग्रेटेड थाना परिसर में साइबर थाना, एससी-एसटी थाना, एएचटीयू (एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट) थाना और महिला थाना का संचालन एक ही भवन में किया जाएगा।
सरकार का मानना है कि इन सभी विशेष थानों को एक ही परिसर में संचालित किए जाने से आम लोगों को अलग-अलग स्थानों पर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी और शिकायत दर्ज कराने तथा जांच की प्रक्रिया भी अधिक प्रभावी और त्वरित हो सकेगी। इससे विशेष रूप से साइबर अपराध, महिला अपराध, मानव तस्करी और अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार से जुड़े मामलों के निपटारे में तेजी आने की उम्मीद है।
इसी कार्यक्रम के दौरान राज्य में कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए पुलिस बल को बड़ी संख्या में नए वाहन भी उपलब्ध कराए जाएंगे। जानकारी के अनुसार राज्यभर के विभिन्न जिलों में पुलिस गश्ती को सुदृढ़ करने के लिए कुल 636 चार पहिया पेट्रोलिंग वाहन और 849 दोपहिया वाहन थानों को सौंपे जाएंगे।
सरकार का मानना है कि इन वाहनों के उपलब्ध होने से पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता बढ़ेगी और अपराध नियंत्रण के साथ-साथ ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में नियमित गश्ती व्यवस्था को और प्रभावी बनाया जा सकेगा। इंटीग्रेटेड थाना मॉडल और आधुनिक संसाधनों की यह पहल झारखंड में पुलिसिंग व्यवस्था को अधिक जवाबदेह और जनोन्मुख बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।