जोहार हिंदुस्तान | गिरिडीह/जामताड़ा: झारखंड में भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान को तेज करते हुए भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने एक ही दिन में गिरिडीह और जामताड़ा जिले में दो अलग-अलग मामलों में बड़ी कार्रवाई की है। जमीन के दाखिल-खारिज और शिक्षा विभाग में मानदेय भुगतान के बदले रिश्वत मांगने वाले दो सरकारी कर्मचारियों को एसीबी की टीम ने रंगे हाथ गिरफ्तार किया है।
पहला मामला गिरिडीह जिले के बेंगाबाद अंचल से जुड़ा है। परिवादी ने एसीबी धनबाद कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी कि उसकी बेटी लक्ष्मी कुमारी वर्णवाल के नाम दर्ज जमीन के दाखिल-खारिज के लिए अंचल कार्यालय में रिश्वत की मांग की जा रही है। आरोप है कि अंचल कार्यालय बेंगाबाद में पदस्थ राजस्व उप-निरीक्षक सुरेन्द्र यादव ने इस काम के लिए 15 हजार रुपये की मांग की थी। शिकायत के सत्यापन के बाद एसीबी धनबाद की टीम ने 18 दिसंबर 2025 को प्रखंड-सह-अंचल कार्यालय, बेंगाबाद में ट्रैप लगाकर सुरेन्द्र यादव और उसके सहयोगी मुकेश कुमार को 6 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए दंडाधिकारी और स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
दूसरा मामला भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, दुमका से संबंधित है। इस मामले में जामताड़ा जिले के नाला प्रखंड अंतर्गत समग्र शिक्षा अभियान कार्यालय में पदस्थ लिपिक सौरभ कुमार पर मानदेय भुगतान के बदले रिश्वत मांगने का आरोप था। परिवादी रास बिहारी झा ने एसीबी दुमका में शिकायत की थी कि उनके वर्धित मानदेय की स्वीकृति के लिए आरोपी ने कुल 8 हजार रुपये की मांग की थी। सत्यापन में आरोप सही पाए जाने के बाद एसीबी दुमका की टीम ने 18 दिसंबर 2025 को समग्र शिक्षा अभियान कार्यालय, जामताड़ा से सौरभ कुमार को 6 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
दोनों मामलों में भ्रष्टाचार निवारण (संशोधित) अधिनियम 2018 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। एसीबी अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और घूसखोरी के नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी पहचान की जा रही है। भ्रष्टाचार के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
