जोहार हिंदुस्तान | डेस्क/नई दिल्ली: वरिष्ठ पत्रकार व राजनीति मामलों के जानकार ए.के. स्टालिन ने कांग्रेस सांसद इमरान मसूद के द्वारा समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के खिलाफ लगातार दिए जा रहे बयानों पर सवाल उठाया है। ए.के. स्टालिन ने कहा कि इमरान मसूद कांग्रेस के नेता हैं, लेकिन उनके बयान ऐसे होते हैं जैसे वे भारतीय जनता पार्टी के स्लीपर सेल की भूमिका निभा रहे हों।
उन्होंने कहा कि इमरान मसूद बार-बार समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव पर हमला करते रहते हैं, जबकि सच्चाई यह है कि वे खुद समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव की बदौलत सांसद बने हैं। स्टालिन ने याद दिलाया कि वर्ष 2019 में कांग्रेस के नेता राहुल गांधी अमेठी तक से चुनाव हार गए थे और वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश की 403 सीटों में कांग्रेस को केवल 2 सीटें ही मिली थीं।
ए.के. स्टालिन ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश में कांग्रेस के जो 7 सांसद हैं, वे भी समाजवादी पार्टी के सहयोग और गठबंधन की वजह से ही संसद पहुंचे हैं। इसके बावजूद कांग्रेस के कुछ नेता लगातार “गठबंधन तोड़ो” और “कांग्रेस अकेले चुनाव लड़ेगी” जैसे बयान दे रहे हैं।
उन्होंने यह भी तंज कसा कि ऐसे नेता उन सीटों पर भी टिकट मांगते हैं, जहां कांग्रेस का बूथ एजेंट तक मौजूद नहीं है। स्टालिन ने कहा कि इस तरह की राजनीति से विपक्ष मजबूत नहीं होता, बल्कि भारतीय जनता पार्टी को सीधा फायदा पहुंचता है।
ए.के. स्टालिन ने स्पष्ट कहा कि गठबंधन तोड़ने की सोच का मतलब सीधे तौर पर बीजेपी की मदद करना है। अंत में उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी से अपील की कि वे पार्टी के भीतर ऐसे नेताओं पर रोक लगाएं, जिनके बयानों से विपक्षी एकता कमजोर हो रही है।
