जोहार हिंदुस्तान डेस्क | नई दिल्ली: सऊदी अरब से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। मक्का-मदीना हाईवे पर उमरा के लिए जा रहे भारतीय तीर्थयात्रियों की बस एक तेज रफ्तार टैंकर से भीषण टक्कर के बाद आग की लपटों में समा गई।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस हादसे में 42 भारतीयों के जिंदा जलकर मरने की आशंका जताई जा रही है। मृतकों में 11 महिलाएँ और 10 बच्चे भी शामिल बताए जा रहे हैं। यह घटना सऊदी अरब के मुफ्रिहात इलाके में देर रात लगभग 1:30 बजे (IST) के करीब हुई।
टक्कर के बाद बस में भड़की आग
टैंकर से जबरदस्त टक्कर के कुछ ही क्षणों में बस में आग लग गई। यात्रियों को निकलने का मौका तक नहीं मिला और अधिकांश लोग मौके पर ही जलकर दम तोड़ बैठे। कई यात्री गंभीर रूप से झुलस गए हैं और मृतकों की संख्या बढ़ने का अनुमान है।
यात्री अधिकतर हैदराबाद के
खबरों के अनुसार, बस में सवार अधिकांश यात्री हैदराबाद, तेलंगाना के रहने वाले थे और उमरा करने मक्का जा रहे थे।
एक यात्री बचा जिंदा — मो. अब्दुल शोइब
इस भीषण त्रासदी में एकमात्र जीवित बचे व्यक्ति का नाम मो. अब्दुल शोइब बताया जा रहा है। उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
भारत सरकार और कांसुलेट की कार्रवाई
भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने हादसे पर गहरा दुख जताते हुए कहा कि भारतीय मिशन पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान कर रहा है।
जेद्दा में भारतीय कांसुलेट ने तत्काल 24×7 कंट्रोल रूम स्थापित कर दिया है ताकि परिजनों को जानकारी और सहायता मिल सके।
तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंथ रेड्डी ने भी हेल्पलाइन और कंट्रोल रूम का गठन कर पीड़ितों की पहचान और सहायता के निर्देश दिए हैं।
मृतकों की पहचान का कठिन काम
हादसे में कई शव बुरी तरह जल चुके हैं, जिससे पहचान की प्रक्रिया चुनौतीपूर्ण हो गई है। डीएनए टेस्ट का सहारा लिए जाने की संभावना जताई जा रही है।
