जोहार हिंदुस्तान | लोहरदगा/झारखंड: झारखंड राज्य उर्दू शिक्षक संघ, लोहरदगा जिला के तत्वावधान में ईद मिलन तकरीब का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर रांची, गुमला, बोकारो, लातेहार, सिमडेगा सहित कई जिलों से उर्दू शिक्षक संघ के प्रतिनिधि शामिल हुए। साथ ही राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ और झारखंड प्रदेश संयुक्त शिक्षक मोर्चा के प्रदेश पदाधिकारी एवं शिक्षक प्रतिनिधियों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को और भी खास बना दिया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता एनामुल हक ने की, जबकि मंच संचालन अली रजा ने किया। आयोजन में तौहीद आलम के नेतृत्व में सभी अतिथियों का स्वागत पारंपरिक तरीके से रुमाल, टोपी और माला पहनाकर किया गया।
ईद मिलन के इस कार्यक्रम में अमीन अहमद, विजय बहादुर सिंह, आशुतोष कुमार, अरुण कुमार दास, मोहम्मद फखरुद्दीन, मकसूद जफर हादी, शहजाद अनवर, फैयाज आलम, मुमताज अहमद, रिजवान अंसारी, शाहनवाज अंसारी, सरवर आलम, आफताब आलम, अरशद रूहानी, प्रदीप हिंद, चोन्हस उरांव, अनुग्रह कुमार, सुजीत रजक, सुमन कुमार दास समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।

मुख्य अतिथि अमीन अहमद ने कहा कि ईद सामाजिक सौहार्द और भाईचारे का पर्व है, जिसमें सभी धर्मों को साथ लेकर चलने का संदेश निहित है। उन्होंने राज्य की शिक्षा व्यवस्था पर चिंता जताते हुए कहा कि हजारों शिक्षकों की नियुक्ति के बावजूद आज भी करीब 7000 विद्यालय एकल शिक्षक के भरोसे चल रहे हैं। आरटीई 2009 के अनुसार 30 बच्चों पर एक शिक्षक अनिवार्य है, ऐसे में एनईपी 2020 के लक्ष्य को हासिल करना चुनौतीपूर्ण है।
वहीं विजय बहादुर सिंह ने शिक्षकों की समस्याओं को उठाते हुए कहा कि सेवा शर्त के अनुरूप प्रोन्नति, उत्क्रमित वेतनमान, नियमित स्थानांतरण और पेंशन जैसी मांगें अब भी लंबित हैं। उन्होंने विभागीय स्तर पर संसाधनों की कमी और बायोमेट्रिक उपस्थिति के लिए आवश्यक उपकरण उपलब्ध नहीं होने को गंभीर मुद्दा बताया।

आशुतोष कुमार ने कहा कि बच्चों की बेहतर शिक्षा और शिक्षक हित के लिए सभी संगठनों को एकजुट होकर संघर्ष करने की आवश्यकता है। वहीं अरुण कुमार दास ने कहा कि शिक्षक गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा देने के लिए प्रतिबद्ध हैं, लेकिन इसके लिए सरकार और विभाग का सहयोग जरूरी है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे एनामुल हक ने कहा कि समाज में भाईचारा और इंसानियत का संदेश फैलाने के साथ-साथ बेहतर शैक्षणिक माहौल बनाना समय की मांग है। उन्होंने कहा कि देश को वैश्विक स्तर पर आगे बढ़ाने के लिए शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में और अधिक काम करने की आवश्यकता है।
अंत में तौहीद आलम ने सभी अतिथियों, शिक्षकों और उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के समापन पर सभी ने सामूहिक रूप से भोजन का आनंद लिया।