जोहार हिंदुस्तान | गुमला/झारखंड: आगामी मकर संक्रांति पर्व को देखते हुए गुमला जिले में खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा सघन छापेमारी और निरीक्षण अभियान चलाया गया। यह कार्रवाई खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी प्रकाश चंद्र गुग्गी के नेतृत्व में की गई, जिसका उद्देश्य आम लोगों को सुरक्षित, शुद्ध और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना है।
अभियान के दौरान लोहरदगा रोड, घाघरा चांदनी चौक और नेतरहाट रोड क्षेत्र में संचालित खाद्य प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया गया। जांच में कई दुकानें बिना वैध खाद्य लाइसेंस और पंजीकरण के संचालित पाई गईं, जिन्हें नोटिस जारी करते हुए निर्धारित समय के भीतर लाइसेंस और पंजीकरण कराने का निर्देश दिया गया।
निरीक्षण के क्रम में टीटू स्वीट्स, बुधराम चिकन शॉप, तृषा चाट भंडार, उज्जवल स्टोर, मां लक्ष्मी स्टोर, मां कालिका स्टोर, शुभम फ्रूटी शॉप, विनय फल दुकान, राज भोजनालय और सहयोग ट्रेडर्स सहित अन्य दुकानों की जांच की गई। इस दौरान शुभम फ्रूटी शॉप और विनय फल दुकान से तिलकुट तथा श्री गणपति ट्रेडर्स और मां कालिका स्टोर से गुड़ के नमूने संग्रह कर राज्य खाद्य जांच प्रयोगशाला भेजे गए हैं।
जांच में यह भी पाया गया कि कुछ दुकानों में बेसन के नाम पर “प्रकाश” ब्रांड का मटर बेसन बिक्री के लिए रखा गया था, जिस पर निर्माण तिथि, समाप्ति तिथि, एफएसएसएआई लोगो और वैध लाइसेंस नंबर अंकित नहीं थे। इसे अमानक मानते हुए मौके पर ही नष्ट कराया गया और संबंधित दुकानदारों को कड़ी चेतावनी दी गई।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने जिले के सभी मीट और मुर्गा दुकानों के संचालकों को निर्देश दिया कि खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत खाद्य लाइसेंस या पंजीकरण के बिना व्यवसाय करना दंडनीय अपराध है। साथ ही खुले में मांस काटकर या लटकाकर बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध की जानकारी दी गई। लाइसेंस से पूर्व नगर परिषद या पंचायत तथा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेना अनिवार्य बताया गया।
निरीक्षण के दौरान दुकानों में स्वच्छता, खाद्य सामग्री के सुरक्षित भंडारण, स्वच्छ पानी के उपयोग और कर्मचारियों द्वारा एप्रन, ग्लव्स व हेडगियर पहनने को लेकर भी निर्देश दिए गए। विभाग ने स्पष्ट किया कि मिलावटी, खुले या एक्सपायर्ड खाद्य पदार्थों की बिक्री पाए जाने पर संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने बताया कि त्योहारों के दौरान इस तरह के निरीक्षण अभियान लगातार जारी रहेंगे ताकि आम जनता के स्वास्थ्य से किसी प्रकार का समझौता न हो।
