जोहार हिंदुस्तान | चंदवा/झारखंड : मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के जिला सचिव रसीद मियां और वरिष्ठ नेता सह पंचायत समिति सदस्य अयुब खान ने टोरी जंक्शन स्थित निर्माणाधीन फुट ओवरब्रिज (FOB) का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान दोनों नेताओं ने रेलवे अधिकारियों पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि लाइन शिफ्टिंग और ब्लॉक की प्रक्रिया लंबित रहने के कारण फुट ओवरब्रिज का काम एक साल से ठप पड़ा है, जिससे टोरी जंक्शन का विकास प्रभावित हो रहा है।
माकपा नेताओं ने बताया कि धनबाद डीआरएम द्वारा 5 नंबर प्लेटफॉर्म के पास स्थित 7 नंबर लाइन को शिफ्ट करने का निर्देश काफी पहले जारी किया जा चुका है, लेकिन संबंधित रेलवे पदाधिकारी इस आदेश का पालन नहीं कर रहे हैं। आरोप है कि “स्वार्थ और मिलीभगत के कारण गति शक्ति एजेंसी और स्थानीय अधिकारी काम को जानबूझकर रोककर बैठे हैं,” जिसकी वजह से स्टेशन विकास कार्यों में लगातार देरी हो रही है।
एक साल से अटका है FOB का निर्माण
टोरी स्टेशन के पश्चिमी और उत्तरी हिस्से में हाई स्कूल, कॉलेज, अस्पताल, शुक्रबाजार और अन्य इलाकों के लिए यह फुट ओवरब्रिज बेहद जरूरी है। दिसंबर 2023 में इस प्रोजेक्ट की शुरुआत हुई थी, लेकिन एक साल तक थोड़े-बहुत काम के बाद पिछले एक वर्ष से निर्माण पूरी तरह ठप है। लाइन शिफ्टिंग और ब्लॉक नहीं मिलने के कारण एजेंसी आगे का काम शुरू नहीं कर पा रही है।
यात्रियों को उठानी पड़ रही भारी परेशानी
FOB का काम रुका रहने से रोजाना सैकड़ों यात्रियों को खतरा उठाकर रेलवे ट्रैक पार करना पड़ रहा है।
अयुब खान ने कहा कि बुजुर्ग, बच्चे, छात्र-छात्राएं और आम लोग जान जोखिम में डालकर लाइन पार करने को मजबूर हैं। स्टेशन के आसपास रहने वाले लोगों के लिए यह गंभीर समस्या बन चुकी है।
डीआरएम का आदेश भी बेअसर, अधिकारी कोयला ढुलाई में ही व्यस्त
माकपा नेताओं का कहना है कि डीआरएम कई बार निरीक्षण के दौरान यात्री सुविधाओं को जल्द पूरा करने का निर्देश दे चुके हैं, लेकिन स्थानीय अधिकारी उस पर ध्यान नहीं दे रहे।
अयुब खान ने आरोप लगाया कि यहां के अधिकारी सिर्फ कोयला ढुलाई से राजस्व बढ़ाने में रुचि रखते हैं। आम जनता की समस्या से उनका कोई लेना-देना नहीं।
जल्द शुरू नहीं हुआ काम तो छेड़ा जाएगा किसान आंदोलन
माकपा ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही लाइन शिफ्टिंग और ब्लॉक की प्रक्रिया पूरी कर FOB निर्माण शुरू नहीं किया गया, तो रेलवे अधिकारियों के खिलाफ व्यापक किसान आंदोलन छेड़ा जाएगा।
नेताओं ने साफ कहा कि आने वाले दिनों में आंदोलन की जिम्मेदारी पूरी तरह रेलवे प्रशासन की होगी।
