जोहार हिंदुस्तान | लोहरदगा: झारखंड के महानायक धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की जयंती और झारखंड स्थापना दिवस के अवसर पर आज शंख मोड़ के पास जिला कांग्रेस कमिटी द्वारा श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में लोहरदगा लोकसभा सांसद सुखदेव भगत कांग्रेस जिलाध्यक्ष सुखैर भगत सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता उपस्थित हुए और बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर बारी-बारी से माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की।
कार्यक्रम में कांग्रेस नेताओं ने बिरसा मुंडा के संघर्ष, बलिदान और ‘उलगुलान’ की ऐतिहासिक विरासत को ससम्मान याद किया।
सांसद सुखदेव भगत का संबोधन
सांसद सुखदेव भगत ने कहा बिरसा मुंडा का जीवन दर्शन, उनका त्याग, दिकुओं और अंग्रेजों की शोषणकारी नीतियों के खिलाफ उनका संघर्ष इतिहास के स्वर्णिम अध्याय हैं। उन्होंने शोषित समाज को सम्मान और हक के लिए खड़े होने की शक्ति दी। उलगुलान केवल विद्रोह नहीं, बल्कि जन-जागरण की क्रांति थी।
उन्होंने आगे कहा बिरसा मुंडा ने जल–जंगल–जमीन की रक्षा के लिए जनजातीय समाज को संगठित किया। उनका साहस एवं स्वाभिमान युवाओं के लिए आज भी प्रेरणा है। भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन की चेतना जगाने में बिरसा मुंडा ने जो भूमिका निभाई, वह अमर है।
जिलाध्यक्ष सुखैर भगत का वक्तव्य
जिलाध्यक्ष सुखैर भगत ने कहा 15 नवंबर का दिन झारखंड की अस्मिता और स्वाभिमान का प्रतीक है। भगवान बिरसा मुंडा की स्मृति और बलिदान को सम्मान देते हुए इसी दिन झारखंड राज्य की स्थापना की गई। उनके सपनों का झारखंड—जहां जनजातीय सम्मान, अधिकार और पहचान सुरक्षित हो—उस दिशा में कांग्रेस प्रतिबद्ध है।
कार्यक्रम में मौजूद प्रमुख कांग्रेस नेता
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और पदाधिकारी उपस्थित रहे, जिनमें मुख्य रूप से नेसार अहमद, मोहन दुबे, अलोक साहू (सांसद निजी सहायक), जिला सोशल मीडिया प्रभारी प्रकाश उराँव, लोहरदगा प्रखंड अध्यक्ष सत्यदेव भगत, पेशरार प्रखंड अध्यक्ष विनोद सिंह खेरवार, अल्पसंख्यक जिलाध्यक्ष मोजम्मिल अंसारी, प्रदेश सेवादल सचिव प्रदीप विश्वकर्मा, कुडू सांसद प्रतिनिधि विकास सहदेव, सांसद स्वास्थ्य प्रतिनिधि सोनू कुरैशी, NSUI जिलाध्यक्ष मनौवर आलम, कुडू मंडल अध्यक्ष सेराजुल अंसारी, पूर्व प्रखंड अध्यक्ष ठाकुर प्रसाद, बुधवा उराँव, जिला प्रवक्ता मुस्ताक अहमद, सेराज अंसारी, असलम अंसारी, रऊफ खान, एजाज अंसारी, स्वाति महली, इकबाल अंसारी, राजू टाना भगत, मुस्लिफ खान, संजय नायक, रफीक अंसारी, बिरेन्द्र उराँव सहित भारी संख्या में कार्यकर्ता शामिल थे।
