जोहार हिंदुस्तान | नेशनल टीम/नई दिल्ली: कांग्रेस पार्टी ने रविवार, 14 दिसंबर 2025 को दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में “वोट चोर, गद्दी छोड़” नाम से एक विशाल महारैली का आयोजन किया। इस रैली के जरिए कांग्रेस ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर मतदाता सूची में गड़बड़ी, SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) प्रक्रिया और EVM में पारदर्शिता की कमी जैसे गंभीर आरोप लगाए।
कांग्रेस नेताओं का दावा है कि हाल के चुनावों में लोकतांत्रिक प्रक्रिया को कमजोर करने की कोशिश की गई है और इसी के विरोध में यह देशव्यापी आंदोलन शुरू किया गया है।
EVM और वोटर लिस्ट पर कांग्रेस का बड़ा हमला
रैली का मुख्य मुद्दा कथित “वोट चोरी” रहा। कांग्रेस का आरोप है कि SIR प्रक्रिया के नाम पर बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं, जिससे गरीब, अल्पसंख्यक और वंचित वर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं।
रामलीला मैदान से उठी मांग
मशीन-रीडेबल वोटर लिस्ट समय से पहले सार्वजनिक की जाए
EVM की तकनीकी संरचना को सार्वजनिक किया जाए
विपक्ष को EVM तक निगरानी की अनुमति दी जाए
CCTV फुटेज नष्ट करने से जुड़े नियमों को वापस लिया जाए
राहुल गांधी का सरकार पर सीधा वार
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने रैली को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा आज देश का लोकतंत्र खतरे में है। चुनाव निष्पक्ष नहीं होंगे तो जनता की सरकार कैसे बनेगी? वोट चोरी करके सत्ता में बने रहना लोकतंत्र की हत्या है।
राहुल गांधी ने यह भी कहा कि सरकार और चुनाव आयोग की मिलीभगत से जनता के अधिकार छीने जा रहे हैं और कांग्रेस इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी।
राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे का संदेश
कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि यह रैली सिर्फ कांग्रेस की नहीं, बल्कि देश के हर उस नागरिक की आवाज़ है जो अपने वोट के अधिकार को बचाना चाहता है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने सदन में हमारे सवालों के जवाब नहीं दिए। वहीं, सदन के सामने गलत जानकारियां पेश कीं।
राहुल गांधी जी ने सबूतों के साथ ये बताया है कि देश में ‘वोट चोरी’ हो रही है। देश की जनता BJP को नहीं चुन रही, लेकिन फिर भी ये सारे नियमों को दरकिनार कर ‘वोट चोरी’ की सरकार बना रहे हैं।
सांसद प्रियंका गांधी का संबोधन
प्रियंका गांधी ने कहा कि महंगाई, बेरोजगारी से ध्यान हटाने के लिए लोकतंत्र को कमजोर किया जा रहा है। जनता अब सब समझ रही है। आज हालात ये हैं कि पिछले आम चुनाव में मुख्यमंत्रियों को जेल में डाला गया। कांग्रेस का बैंक अकाउंट बंद कर दिया गया भ्रष्टाचार के नाम पर बेबुनियाद आरोप लगाए गए। वही जिन लोगों का दिल कमजोर था, जो इस दबाव को सह नहीं पाए वो BJP में शामिल हो गए। जैसे-जैसे लोग BJP में शामिल होते गए, BJP की ‘वॉशिंग मशीन’ में धुलकर साफ होते गए।
5.5 करोड़ हस्ताक्षरों का प्रदर्शन बना आकर्षण
रैली का सबसे बड़ा आकर्षण रहा 5.5 करोड़ से अधिक नागरिकों के हस्ताक्षर, जिन्हें बोरियों में भरकर मंच के पास प्रदर्शित किया गया। कांग्रेस ने दावा किया कि ये हस्ताक्षर चुनावी पारदर्शिता की मांग के समर्थन में देशभर से जुटाए गए हैं। पार्टी ने इन्हें राष्ट्रपति को सौंपने की भी घोषणा की।
देशभर से उमड़ा कांग्रेस का जनसैलाब
रैली में देश के विभिन्न राज्यों से हजारों कार्यकर्ता और नेता शामिल हुए। जम्मू-कश्मीर, कर्नाटक, बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश, राजस्थान समेत कई राज्यों से बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता दिल्ली पहुंचे।
कर्नाटक से 100 से अधिक विधायक पहले ही दिल्ली पहुंच चुके थे, जिससे रैली का राष्ट्रीय स्वरूप और मजबूत नजर आया।
आंदोलन जारी रखने का ऐलान
कांग्रेस नेतृत्व ने साफ कर दिया कि यह रैली सिर्फ शुरुआत है। यदि सरकार और चुनाव आयोग ने सुधारात्मक कदम नहीं उठाए, तो पार्टी देशव्यापी आंदोलन तेज करेगी।
कांग्रेस का कहना है कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए यह लड़ाई सड़क से संसद तक जारी रहेगी।
