जोहार हिंदुस्तान | रांची: झारखंड कांग्रेस में शांति का माहौल फिलहाल कायम नहीं कहा जा सकता क्योंकि पार्टी के विधायक दल के नेता प्रदीप यादव और स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी के बीच विवाद तेज हो गया है। विधानसभा सत्र के दौरान दोनों के बीच हुई तीखी बहस और सार्वजनिक आरोप-प्रत्यारोप ने कांग्रेस को खामोशी की स्थिति से निकाल कर विवाद के केंद्र में ला दिया है।
विवाद की शुरुआत — कहां से हुआ टकराव
मामला तब गरमा गया जब विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने सदन में विभिन्न स्वास्थ्य सुविधाओं और अस्पताल परियोजनाओं में कथित गड़बड़ियों का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि 300 करोड़ रूपए की अस्पताल परियोजना में भारी अनियमितताएं हुईं — अस्पताल की महँगी मशीनें गायब बताई जा रही हैं।
इस गंभीर आरोप के बाद, स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने न केवल आरोपों को खारिज किया, बल्कि विधायक प्रदीप यादव की मंशा पर सवाल उठाए। उन्होंने विधानसभा में कहा कि आरोप “बनावटी” और “राजनीतिक” हैं, और इसे लेकर विधायक को माफी मांगनी चाहिए।
सदन में हंगामा — आरोप-प्रत्यारोप और आरोपों का पलटवार
सदन में इस मुद्दे पर जब बहस तेज हुई, तो दोनों पक्षों ने अपनी बातें तेज स्वर में रखी। ऐसा कहा गया कि आरोप “भ्रमित करने वाले” हैं, जबकि मंत्री ने विधायक पर “झूठा प्रचार” करने का आरोप लगाया।
इस बहस के दौरान यह बात सार्वजनिक हुई कि झारखंड में स्वास्थ्य सेवाओं, अस्पताल प्रोजेक्ट्स व बजट व्यवस्थाओं को लेकर पहले भी कई सवाल उठ चुके हैं।
राजनीतिक और संगठनात्मक प्रभाव
यह खुला विवाद यह दर्शाता है कि झारखंड कांग्रेस में विभाजन और असंतुष्टि गहराती जा रही है।
इस विवाद ने पार्टी की छवि को भी धक्का दिया है, क्योंकि सार्वजनिक आरोपों और पलटवारों ने यह संकेत दिया है कि कांग्रेस के अंदर फैसलों और जवाबदेही को लेकर स्पष्ट स्थिति नहीं है।
कांग्रेस के लिए चुनौती बढ़ी
इस घटना से यह स्पष्ट है कि झारखंड कांग्रेस के सामने अब केवल सरकार या विपक्ष से नहीं, बल्कि स्वयं के भीतर स्थिति को संभालने की चुनौती है। यदि पार्टी समय पर इस विवाद का समाधान नहीं करती है, तो इससे उसकी कार्य-क्षमता, संगठनात्मक अखंडता और जनता के बीच भरोसा प्रभावित हो सकता है।
वर्तमान समय में प्रदीप यादव और इरफान अंसारी दोनों नेताओं के बीच स्थित विवाद — धन, स्वास्थ्य परियोजनाओं, जवाबदेही और निष्पक्षता जैसे संवेदनशील मुद्दों पर स्पष्ट रूप से स्थिति बतानी होगी।
