जोहार हिंदुस्तान | रांची: राजधानी रांची के कांके स्थित मदरसा आलिया अरबिया, पतराटोली में आगामी 8 नवंबर 2025 (शनिवार) को एक दिवसीय जलसा-ए-दस्तारबंदी का भव्य आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम की शुरुआत शाम 7 बजे से होगी, जो देर रात तक चलेगा।
यह आयोजन लंबे अंतराल के बाद हो रहा है, जिससे इलाके में काफी उत्साह का माहौल है। मदरसा प्रबंधन ने बताया कि 11 वर्षों बाद इस ऐतिहासिक जलसे का आयोजन किया जा रहा है। कोरोना काल और लॉकडाउन के कारण कई वर्षों से कार्यक्रम स्थगित था।
देश-भर से आएंगे उलमा-ए-किराम और इस्लामी स्कॉलर
कार्यक्रम में हिंदुस्तान और झारखंड के विभिन्न इलाकों से बड़ी संख्या में उलमा-ए-किराम, हाफ़िज़, क़ारी और इस्लामी विद्वान शामिल होंगे।
इस मौके पर हाफ़िज़-ए-कुरआन छात्रों की दस्तारबंदी (सम्मान समारोह) आयोजित की जाएगी। साथ ही खिताबात-ए-उलमा (धार्मिक भाषण), नातिया मुशायरा और दुआएं भी होंगी।
मदरसे के प्रिंसिपल और जिम्मेदार सदस्यों ने बताया कि इस जलसे का उद्देश्य बच्चों में इल्म-ए-दीन (धार्मिक शिक्षा) के प्रति लगन और उत्साह बढ़ाना है।
हजारों लोगों के पहुंचने की संभावना
मदरसा परिसर और आसपास के इलाके में तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं।
प्रबंधन समिति ने बताया कि 11 साल बाद होने वाली इस दस्तारबंदी में हजारों की संख्या में लोगों के शामिल होने की संभावना है।
मजलिस-ए-मुन्तजिमा (प्रबंधन समिति) और मजलिस-ए-इस्तकबालिया (स्वागत समिति) ने सभी मुसलमान भाइयों से अपील की है कि वे इस पवित्र और ऐतिहासिक मौके पर ज़रूर शिरकत करें।
मुख्य आकर्षण होंगे।
हाफ़िज़-ए-कुरआन छात्रों की दस्तारबंदी
उलमा-ए-किराम के खिताबात (इस्लामी भाषण)
नातिया मुशायरा
सामूहिक दुआएं और इल्मी चर्चा
