जोहार हिंदुस्तान | लोहरदगा: शहर के कुटमू स्थित आजाद हॉस्पिटल में एक बार फिर इंसानियत और चिकित्सा सेवा की अद्भुत मिसाल देखने को मिली।
बीती रात करीब 2 बजे, एक गंभीर रूप से बीमार बालक को अचानक अस्पताल लाया गया। जानकारी के मुताबिक, बच्चे की स्थिति कन्वर्जन (Conversion) के कारण बेहद नाजुक थी।
हालात की गंभीरता को देखते हुए, आजाद हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने बिना एक पल गंवाए तुरंत इलाज शुरू किया। टीम ने बच्चे की हालत को स्थिर करने के लिए लगातार प्रयास किए और रातभर उसकी देखरेख में जुटी रही।
डॉक्टरों की त्वरित कार्रवाई से टली बड़ी अनहोनी
चिकित्सकों की तत्परता और टीमवर्क का ही परिणाम रहा कि बच्चे की जान बचा ली गई।
डॉक्टरों ने बताया कि अगर उपचार में थोड़ी भी देर होती, तो स्थिति गंभीर हो सकती थी। वर्तमान में बालक की स्थिति स्थिर बताई जा रही है और उसका इलाज जारी है।
आजाद हॉस्पिटल ने फिर साबित की अपनी विश्वसनीयता
इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि आजाद हॉस्पिटल न सिर्फ बेहतर चिकित्सा सुविधा प्रदान करता है, बल्कि आपात स्थिति में भी संवेदनशीलता, जिम्मेदारी और त्वरित निर्णय क्षमता के साथ मरीजों की सेवा करता है।
अस्पताल प्रशासन ने कहा हर मरीज हमारे लिए परिवार जैसा है। समय पर इलाज और टीमवर्क हमारी सबसे बड़ी ताकत है।
परिजनों और लोगों ने जताया आभार
बालक के परिजनों ने भावुक होते हुए कहा कि अगर डॉक्टर समय पर इलाज शुरू नहीं करते, तो हमारे बच्चे को बचाना मुश्किल था। हम आजाद हॉस्पिटल की टीम के आभारी हैं।
स्थानीय लोगों ने भी अस्पताल की टीम की सराहना की और कहा कि ऐसे संस्थान लोहरदगा जैसे छोटे शहर में जीवनरक्षक केंद्र बनकर उभरे हैं, जो सेवा को ही अपना धर्म मानते हैं।
आजाद हॉस्पिटल की टीम ने न सिर्फ एक मासूम की जान बचाई, बल्कि यह भी दिखा दिया कि जब सेवा और समर्पण एक साथ होतेहैं, तो ज़िंदगी हर मुश्किल पर जीत जाती है।
