जोहार हिंदुस्तान | डेस्क/नई दिल्ली: झांसी में सेंट्रल जीएसटी विभाग में फैले भ्रष्टाचार का बड़ा खुलासा हुआ है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने सेंट्रल GST की डिप्टी कमिश्नर (IRS अधिकारी) प्रभा भंडारी समेत कुल 5 लोगों को रिश्वतखोरी के आरोप में गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई से प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है।
CBI द्वारा गिरफ्तार किए गए लोगों में
सेंट्रल GST की डिप्टी कमिश्नर (IRS अधिकारी) प्रभा भंडारी, CGST के दो सुपरिंटेंडेंट, GST मामलों के अधिवक्ता नरेश कुमार गुप्ता और जय दुर्गा हार्डवेयर फर्म के प्रोपराइटर राजू मंगनानी शामिल हैं।
1.5 करोड़ की रिश्वत की डिमांड, 70 लाख लेते पकड़े गए अफसर
जानकारी के मुताबिक, 12 दिन पहले सेंट्रल GST विभाग ने जय दुर्गा हार्डवेयर फर्म पर छापेमारी की थी। इस मामले को रफा-दफा करने और टैक्स चोरी के आरोपों में राहत देने के बदले अधिकारियों ने 1.5 करोड़ रुपये की रिश्वत की मांग की थी।
मामले की सूचना CBI को मिलते ही जाल बिछाया गया। पहली किस्त के तौर पर 70 लाख रुपये लेते समय दो GST सुपरिंटेंडेंट को रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया गया। उनके साथ फर्म मालिक और वकील को भी मौके से पकड़ा गया।
डिप्टी कमिश्नर के इशारे पर हो रही थी वसूली
CBI जांच में सामने आया है कि यह पूरी रिश्वतखोरी डिप्टी कमिश्नर प्रभा भंडारी के इशारे पर की जा रही थी। शुरुआती गिरफ्तारी के बाद पूछताछ और सबूतों के आधार पर CBI ने प्रभा भंडारी को भी गिरफ्तार कर लिया।
छापेमारी में 1.60 करोड़ से अधिक नकद बरामद
CBI ने आरोपियों के ठिकानों पर छापेमारी के दौरान करीब 1.60 करोड़ रुपये नकद, सोने-चांदी के जेवरात और कई अचल संपत्ति से जुड़े अहम दस्तावेज भी जब्त किए हैं। इससे यह आशंका गहराई है कि मामला केवल एक फर्म तक सीमित नहीं, बल्कि व्यापक भ्रष्टाचार नेटवर्क से जुड़ा हो सकता है।
भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत मामला दर्ज
CBI ने इस पूरे मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act) के तहत केस दर्ज कर लिया है। एजेंसी अब यह भी जांच कर रही है कि क्या अन्य कंपनियों से भी इसी तरह की वसूली की गई और क्या इसमें और अधिकारी शामिल हैं।
