जोहार हिंदुस्तान | लोहरदगा/ झारखंड: जिले के किस्को थाना क्षेत्र अंतर्गत होंदगा गांव की जर्जर सड़क एक बार फिर ग्रामीणों की बदहाल जिंदगी और प्रशासनिक लापरवाही की दर्दनाक तस्वीर बनकर सामने आई है। सड़क की खराब स्थिति के कारण एक बुजुर्ग महिला को गंभीर चोट लगने के बाद करीब 12 किलोमीटर पैदल चलकर अस्पताल पहुंचना पड़ा। इस घटना के बाद ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखी जा रही है।
जानकारी के अनुसार होंदगा गांव निवासी लगभग 60 वर्षीय जैबून खातून, पति ताहिर अंसारी, बीते शनिवार की शाम किस्को बाजार से अपने घर लौट रही थीं। इसी दौरान गांव और भट्ठा के बीच स्थित बेहद जर्जर सड़क पर बने बड़े-बड़े गड्ढों में उनका पैर फिसल गया और वे सड़क पर गिर पड़ीं। गिरने से उनके हाथ में गंभीर चोट लगी और दर्द के कारण उनकी हालत बिगड़ गई।
ग्रामीणों ने बताया कि सड़क की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि वहां से पैदल चलना भी जोखिम भरा हो गया है। जगह-जगह गहरे गड्ढे और टूटी सड़क लोगों के लिए रोज हादसे का कारण बन रही है। घटना के बाद बुजुर्ग महिला पूरी रात दर्द से कराहती रहीं, लेकिन गांव तक वाहन नहीं पहुंच पाने और संसाधनों के अभाव में उन्हें समय पर इलाज नहीं मिल सका।
स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि रविवार सुबह महिला बिना किसी को बताए दर्द सहते हुए अकेले ही पैदल निकल पड़ीं और करीब 17 किलोमीटर का सफर तय कर दोपहर लगभग 1:30 बजे सदर अस्पताल लोहरदगा पहुंचीं। वहां मौजूद लोगों ने जब उनकी हालत देखी तो हर कोई हैरान रह गया।
सदर अस्पताल में रविवार होने के कारण एक्स-रे सेवा बंद थी। इसके बावजूद ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सक डॉ. आर. पी. साहू ने मानवता का परिचय देते हुए महिला का प्राथमिक उपचार किया और उनके हाथ में कच्चा प्लास्टर चढ़ाकर बेड नंबर 20 में भर्ती कराया। चिकित्सक ने बताया कि सोमवार को एक्स-रे जांच के बाद यदि हड्डी टूटने या फ्रैक्चर की पुष्टि होती है, तो पक्का प्लास्टर किया जाएगा।
घटना के बाद होंदगा गांव और आसपास के ग्रामीणों में प्रशासन के प्रति गहरा आक्रोश देखा जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि होंदगा से भट्ठा नदी तक जाने वाली सड़क वर्षों से बदहाल पड़ी हुई है। कई बार सड़क मरम्मत और निर्माण की मांग प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों से की गई, लेकिन आज तक कोई ठोस पहल नहीं हुई।
ग्रामीणों ने कहा कि यदि समय रहते सड़क की मरम्मत करा दी गई होती, तो एक बुजुर्ग महिला को इस तरह दर्द और मजबूरी के बीच लंबा सफर तय नहीं करना पड़ता। लोगों ने जिला प्रशासन से अविलंब सड़क निर्माण कराने और ग्रामीण क्षेत्रों की बुनियादी समस्याओं पर गंभीरता से ध्यान देने की मांग की है, ताकि भविष्य में किसी और परिवार को ऐसी पीड़ा का सामना न करना पड़े।